पटना। बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के अंतिम दिन NEET पेपर लीक मामले को लेकर विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में अभूतपूर्व हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने पटना समेत विभिन्न जिलों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने नियमों के तहत अस्वीकार कर दिया। इसके बाद सदन का माहौल पूरी तरह गर्म हो गया।
विपक्षी सदस्यों ने अपने-अपने स्थान पर खड़े होकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में विपक्षी विधायक हाथों में तख्तियां लेकर सदन के वेल में पहुंच गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कई बार सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामा लगातार जारी रहा।
दूसरी ओर, सत्तापक्ष के सदस्यों ने भी विपक्ष के आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्र नहीं, बल्कि उपद्रवी थे। इस टिप्पणी पर विपक्ष और अधिक आक्रोशित हो गया। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक, आरोप-प्रत्यारोप और शोर-शराबा शुरू हो गया।
स्थिति लगातार बिगड़ती देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
विधान परिषद में भी गरमाया माहौल
उधर बिहार विधान परिषद में भी माहौल तनावपूर्ण रहा। उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव अपने जवाब के दौरान राजद सदस्य सुनील कुमार सिंह पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणी कर बैठे। इस पर सुनील कुमार सिंह ने कड़ा विरोध जताया और दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
विवाद बढ़ने पर मंत्री डॉ. अशोक चौधरी भी चर्चा में शामिल हो गए और उनके तथा सुनील कुमार सिंह के बीच भी तीखी बहस हुई। इसी दौरान जदयू सदस्य संजय कुमार सिंह उपमुख्यमंत्री के समर्थन में सुनील कुमार सिंह की ओर बढ़े। स्थिति तनावपूर्ण होती देख महेश्वर सिंह ने बीच-बचाव किया। बाद में अब्दुल सिद्दीकी भी खड़े होकर मामला शांत कराने का प्रयास करते नजर आए।
हालात को देखते हुए विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने हस्तक्षेप किया और सभी सदस्यों से संयम बरतने की अपील की। इसके बाद सदन की कार्यवाही पुनः सामान्य ढंग से संचालित हो सकी।
मुख्य बिंदु
- NEET पेपर लीक मामले पर विधानसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव खारिज।
- विपक्ष ने सदन के वेल में पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
- सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामा।
- विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की।
- विधान परिषद में विजेंद्र यादव और सुनील कुमार सिंह के बीच तीखी नोकझोंक।
- सभापति अवधेश नारायण सिंह के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई।
