पटना। बिहार सरकार ने वैशाली स्थित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप को विश्वस्तरीय बौद्ध पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। इसी उद्देश्य से गठित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप समिति के शासी निकाय की पहली बैठक विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें संग्रहालय के संचालन, प्रबंधन और वैश्विक प्रचार-प्रसार से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर सहमति बनी।
सोसाइटी के रूप में होगा पंजीकरण
बैठक में निर्णय लिया गया कि समिति का पंजीकरण सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत कराया जाएगा। इसके लिए बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप, वैशाली के अपर निदेशक डॉ. विमल तिवारी को निबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई।
यह समिति कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार के नियंत्रण में संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप के संचालन, संरक्षण और विकास का कार्य करेगी।
इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव 2026 को मिली सैद्धांतिक मंजूरी
बैठक में नवंबर-दिसंबर 2026 के दौरान इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव आयोजित करने पर सैद्धांतिक सहमति दी गई। इस आयोजन का उद्देश्य भारत समेत दुनिया भर के बौद्ध देशों, विद्वानों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों को वैशाली से जोड़ना तथा बिहार को वैश्विक बौद्ध पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक मजबूत पहचान दिलाना है।
रोजाना पहुंच रहे हजारों पर्यटक
बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप परिसर 5 अक्टूबर 2025 से आम दर्शकों के लिए खुला है। वहीं 19 मई 2026 से यहां सशुल्क प्रवेश व्यवस्था लागू की गई।
वर्तमान में प्रतिदिन औसतन करीब 2500 पर्यटक इस परिसर का भ्रमण कर रहे हैं। बैठक में पर्यटकों की संख्या और बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने पर जोर
शासी निकाय के अध्यक्ष एवं विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि वैशाली की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए संग्रहालय का आधुनिक और पेशेवर तरीके से संचालन किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से इसे विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में कला एवं संस्कृति विभाग, वित्त विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, वैशाली जिला प्रशासन, बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति, संग्रहालय निदेशालय, ऊर्जा विभाग, पर्यटन विभाग तथा तिरहुत प्रमंडल के अधिकारियों ने भाग लिया और संग्रहालय के विकास को लेकर अपने सुझाव दिए।
Freelancer Post Analysis
बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि बिहार की बौद्ध विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। यदि प्रस्तावित इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव 2026 सफलतापूर्वक आयोजित होता है, तो इससे वैशाली में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने, स्थानीय रोजगार को गति मिलने और बिहार के धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिलने की संभावना है। सरकार का यह कदम राज्य को वैश्विक बौद्ध पर्यटन सर्किट में और मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
