पटना। Bihar Mushroom Farming Electricity Subsidy। बिहार सरकार ने नियंत्रित वातावरण (कंट्रोल्ड एनवायरनमेंट) में मशरूम की खेती करने वाले किसानों को बड़ी राहत दी है। अब ऐसी मशरूम उत्पादन इकाइयों को कृषि श्रेणी की बिजली दर का लाभ मिलेगा। इसके तहत किसानों को मात्र 55 पैसे प्रति यूनिट (0.55 रुपये प्रति यूनिट) की दर से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से मशरूम उत्पादन की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, नियंत्रित वातावरण में खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। इसे “स्मार्ट खेती, समृद्ध किसान” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बिहार बना मशरूम उत्पादन का अग्रणी राज्य
राज्य में मशरूम उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहां उत्पादन 35 हजार मीट्रिक टन था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 42 हजार मीट्रिक टन और 2024-25 में लगभग 44,930 मीट्रिक टन तक पहुंच गया।
देश के कुल मशरूम उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी करीब 12 प्रतिशत है, जिससे राज्य इस क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
मशरूम की खेती कम भूमि, कम निवेश और कम समय में बेहतर आय देने वाली कृषि गतिविधि मानी जाती है। इससे छोटे एवं सीमांत किसान, भूमिहीन परिवार, महिला स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण युवा स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त कर रहे हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि मशरूम उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना रहा है।
सरकार दे रही प्रशिक्षण और अनुदान
मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार किसानों और उद्यमियों को वैज्ञानिक खेती के लिए प्रशिक्षण, अनुदान, आधारभूत संरचना और कृषि विश्वविद्यालयों का तकनीकी सहयोग उपलब्ध करा रही है।
केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत वातानुकूलित संरचनाएं विकसित की जा रही हैं, जबकि राज्य योजना के अंतर्गत मशरूम किट का वितरण और झोपड़ी आधारित मशरूम इकाइयों की स्थापना कराई जा रही है। नई कृषि बिजली दर लागू होने से इन इकाइयों के संचालन का खर्च भी काफी कम होगा।
इन जिलों में तेजी से बढ़ रहा उत्पादन
राज्य के मुजफ्फरपुर, पटना, नालंदा, गया, वैशाली और पश्चिम चंपारण मशरूम उत्पादन के प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे हैं।
इन जिलों में उत्पादित मशरूम की आपूर्ति बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल तक की जा रही है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल रहा है।
किसान यहां कर सकते हैं संपर्क
मशरूम उत्पादन शुरू करने के इच्छुक किसान, महिला स्वयं सहायता समूह और युवा उद्यमी प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए अपने नजदीकी-
- कृषि विज्ञान केंद्र (KVK)
- प्रखंड उद्यान कार्यालय
- जिला उद्यान कार्यालय
- मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थानों
से संपर्क कर सकते हैं।
मुख्य बातें
- मशरूम किसानों को कृषि बिजली दर का लाभ।
- सिर्फ 55 पैसे प्रति यूनिट बिजली।
- उत्पादन लागत में आएगी कमी।
- बिहार देश के कुल मशरूम उत्पादन का 12% उत्पादन करता है।
- 2024-25 में उत्पादन लगभग 44,930 मीट्रिक टन।
- छोटे किसानों, महिलाओं और युवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ।
- सरकार दे रही प्रशिक्षण, अनुदान और तकनीकी सहायता।
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