बिहार के मधेपुरा जिले के गम्हरिया स्थित एक विद्यालय में मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) में छिपकली की पूंछ मिलने और कुछ बच्चों के बीमार होने के मामले में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के सख्त निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। देर शाम विद्यालय के प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा प्रखंड साधनसेवी और रसोइया को चयनमुक्त कर दिया गया है। वहीं, मिड डे मील के डीपीओ के विरुद्ध भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रविवार को घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा मंत्री ने मधेपुरा के जिलाधिकारी से फोन पर बात कर पूरे मामले की तत्काल जांच कराने और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा था कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारी को डीईओ, मिड डे मील के डीपीओ, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, रसोइया, साधनसेवी सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।
मिथिलेश तिवारी ने मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक से भी इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने निर्देश दिया है कि विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी विद्यालय में इस प्रकार की घटना दोबारा सामने आती है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
