बिहार विधान परिषद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को हुई। सत्र के प्रारंभ में सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सदन को संबोधित करते हुए उम्मीद जताई कि इस सत्र में राज्यहित और विकास से जुड़े अधिक से अधिक विषयों पर सार्थक चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, पर्यावरण, शहरी विकास और खेल समेत विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है।
कृषि को प्राथमिकता, दलहन-तिलहन पर विशेष फोकस
सभापति ने कहा कि बिहार सरकार कृषि क्षेत्र के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य को दलहन और तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसानों को विशेष अनुदान दिया जा रहा है। वहीं सौर ऊर्जा संयंत्र योजना को बढ़ावा देने का निर्णय भी राज्य के लिए दूरगामी साबित होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़े कदम
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। मुजफ्फरपुर (मुशहरी), मधुबनी (झंझारपुर और राजनगर), पूर्णिया, नालंदा (राजगीर), मधेपुरा (साहूगढ़), शेखपुरा (शेखोपुरसराय), अरवल (करपी) और नवादा (भदौनी) में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय को आधुनिक विश्वविद्यालय के रूप में पुनर्स्थापित करने के लिए 200 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘उन्नत शिक्षा, उन्नत भविष्य’ योजना के अंतर्गत 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। अब राज्य के सभी 534 प्रखंडों के विद्यार्थियों को अपने ही प्रखंड में उच्च शिक्षा की सुविधा मिल रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
सभापति ने बताया कि एम्स, पटना के विस्तार के लिए 26.76 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। साथ ही विभिन्न वर्गों को अंतर्वासी (इनडोर) इलाज के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का भी निर्णय लिया गया है।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने कहा कि धार्मिक और पर्यटन आधारित विकास के लिए कई नई योजनाओं को मंजूरी दी गई है।
इनमें प्रमुख हैं—
- सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत 1100 श्रद्धालुओं को दो दिवसीय सोमनाथ यात्रा के लिए आर्थिक सहायता।
- सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता योजना।
- बिहार हेली टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना।
- पटना से राजगीर, वाल्मीकिनगर और कैमूर तक हेलीकॉप्टर सेवा।
- मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना।
- कहलगांव के बटेश्वरधाम मंदिर तक रोप-वे निर्माण।
- मुंगेर से भागलपुर तक 83 किलोमीटर लंबे गंगा मरीन ड्राइव का निर्माण।
- पर्यावरण और शहरी विकास
सभापति ने कहा कि पर्यावरणीय एवं जलवायु कोष के गठन से जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि ग्रीन सैटेलाइट टाउनशिप विकास योजना तथा इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से शहरों में आधुनिक आधारभूत संरचना और बेहतर यातायात व्यवस्था विकसित की जा रही है।
खिलाड़ियों और छात्रों को लाभ
उन्होंने कहा कि बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली-2026 से खिलाड़ियों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
वहीं अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के छात्रावास अनुदान को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है, जिससे उनके शैक्षणिक विकास को बल मिलेगा।
मीडिया और सदस्यों से सहयोग की अपील
अपने संबोधन के अंत में सभापति अवधेश नारायण सिंह ने विधान परिषद के सभी सदस्यों, परिषद सचिवालय के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा लोकतंत्र के प्रहरी मीडिया से सत्र के सुचारु संचालन में सहयोग की अपील की।
