पटना। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को नीट पेपर लीक मामले और छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सदन में अभूतपूर्व हंगामा देखने को मिला। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। हालात बिगड़ते देख विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने पटना में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और नीट पेपर लीक मामले में सरकार से जवाब मांगा। विपक्ष ने इस मुद्दे पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग की।
इसी दौरान भाजपा विधायक श्याम बिहारी यादव ने कहा कि डाकबंगला चौराहे के पास उनकी गाड़ी पर पथराव किया गया और तोड़फोड़ की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग छात्र नहीं बल्कि “गुंडे” थे, जिन्होंने भाजपा नेताओं को निशाना बनाया।
भाजपा विधायक के इस बयान पर विपक्षी सदस्य भड़क उठे। राजद सहित विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गुंडा कहना पूरी छात्र बिरादरी का अपमान है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास कर रही है।
मामला इतना बढ़ गया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य आमने-सामने आ गए। सदन में जोरदार नारेबाजी, धक्का-मुक्की और तीखी बहस शुरू हो गई। इस दौरान राजद विधायक आई.पी. गुप्ता अपने आसन पर खड़े होकर विरोध दर्ज करा रहे थे। आरोप है कि कुछ भाजपा विधायक वेल में पहुंच गए, जिसके बाद मार्शलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया गया।
सदन के भीतर कुछ समय के लिए बेहद तनावपूर्ण माहौल बन गया। सत्ता और विपक्ष के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ तीखी टिप्पणी करते हुए आमने-सामने आ गए। राजद विधायक भाई वीरेंद्र और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई।
लगातार बढ़ते हंगामे और सदन की कार्यवाही बाधित होने पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन में हंगामे की मुख्य बातें
- NEET पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष का विरोध।
- भाजपा विधायक श्याम बिहारी यादव ने प्रदर्शन में “गुंडों” के शामिल होने का आरोप लगाया।
- विपक्ष ने छात्रों को गुंडा बताए जाने का कड़ा विरोध किया।
- सत्ता और विपक्ष के सदस्यों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक।
- मार्शलों को हस्तक्षेप कर स्थिति संभालनी पड़ी।
- स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित की।
महत्वपूर्ण बयान
श्याम बिहारी यादव (भाजपा विधायक):
प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने डाकबंगला चौराहे पर भाजपा नेताओं की गाड़ियों पर पथराव और तोड़फोड़ की। वे छात्र नहीं बल्कि उपद्रवी थे।
विपक्ष का पक्ष:
अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गुंडा कहना अनुचित है। सरकार आंदोलन को दबाने और छात्रों की आवाज को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
नोट: दोनों पक्षों ने सदन में अपने-अपने आरोप लगाए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार के स्तर पर नहीं की गई है।
