नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में सोशल Media पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर छात्रों और युवाओं के जश्न मनाने वाले वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। कई जगहों पर छात्रों को मिठाई बांटते, पटाखे फोड़ते और एक-दूसरे को बधाई देते हुए देखा जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर दो पन्नों का इस्तीफा पत्र साझा किया। पत्र में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए शिक्षा सुधारों का उल्लेख करते हुए अपना पक्ष रखा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमने कर दिखाया।” इसके बाद उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और देश के विभिन्न छात्र एवं युवा संगठनों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा था।
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया था। इसके बाद कई छात्र संगठनों और अभिभावकों ने देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।

CJP का दावा है कि सरकार के साथ हुई बातचीत के दौरान उसने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पार्टी के अनुसार, उसने स्पष्ट कर दिया था कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा और उनके पद छोड़ने के बाद ही जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
हालांकि, सरकार की ओर से CJP के इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।रोध—दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो पेज का लेटर जारी किया। जिसमें उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का ठिकरा विरोधियों पर फोड़ने की कोशिश की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में गहरी आस्था जताई है। उन्होंने अपने पत्र में क्या कुछ लिखा है। हू-ब-हू पेश है।
मेरे युवा साथियों,
मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।
मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का कहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं।
किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुन: परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी Computer-based-test मोड़ में करने का निर्णय लिया गया।
इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई।
पहले ही दिन से इस पर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। 16 जुलाई को घोषित NEET-UG के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को सफलता मिली।
परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।
मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं।
पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।

जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलक्षे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।
मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। साथ ही, मंत्रिपररिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मेचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा।

प्रभू श्रीजगन्नाथ जी के आर्शीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूंगा।
आपका,
धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा : 10 बड़ी बातें
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा दिया।
- एक्स पर दो पन्नों का इस्तीफा पत्र जारी किया।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
- अपने कार्यकाल और शिक्षा सुधारों का उल्लेख किया।
- CJP ने आंदोलन की सफलता का दावा किया।
- अभिजीत दीपके ने लिखा – “हमने कर दिखाया।”
- दूसरी पोस्ट – “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।”
- छात्रों के जश्न के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
- जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से आंदोलन जारी था।
- सरकार की ओर से CJP के दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
