पटना | FreelancerPost
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच जन सुराज के सूत्रधार एवं पार्टी प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव में प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर रही है और जीविका दीदियों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर इसे नहीं रोका गया तो जन सुराज के कार्यकर्ता चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे।
“भाजपा जितने नेता भेजना चाहती है भेजे, हमें आपत्ति नहीं”
प्रशांत किशोर ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल को अपने नेता, कार्यकर्ता या संसाधन चुनाव प्रचार में लगाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने बांकीपुर उपचुनाव में बड़ी संख्या में नेता, विधायक, सांसद और कार्यकर्ताओं को उतारा है, जिसे वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मानते हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा इतनी बड़ी ताकत झोंकना यह दर्शाता है कि जन सुराज ने चुनाव को गंभीर मुकाबले में बदल दिया है। उनके अनुसार यह जन सुराज से अधिक बांकीपुर की जनता की लोकतांत्रिक जीत है, जिसने विकल्प की राजनीति को स्वीकार किया है।
“प्रशासन का इस्तेमाल कर हमारे कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा”
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रशासनिक मशीनरी का उपयोग विपक्षी दलों पर दबाव बनाने के लिए कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जन सुराज के कार्यकर्ता जिन होटलों में अपने खर्च पर ठहरे हैं, वहां लगातार जांच और छापेमारी की जा रही है, जबकि भाजपा नेताओं के ठहरने और खर्च को लेकर कोई जांच नहीं हो रही।
उन्होंने सवाल किया कि भाजपा के बाहर से आए नेताओं के रहने और खाने का खर्च कौन उठा रहा है और इस संबंध में प्रशासन कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा।
“जीविका दीदियों का चुनाव में इस्तेमाल लोकतंत्र के खिलाफ”
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं और अर्धसरकारी कर्मियों को चुनावी प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता जागरूकता के नाम पर महिलाओं के बीच जाकर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा केवल सोशल मीडिया पोस्ट हटाना पर्याप्त नहीं होगा। जिला प्रशासन को स्पष्ट आदेश जारी करना चाहिए कि जीविका से जुड़ी कोई भी महिला, कर्मचारी या अर्धसरकारी कर्मी चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेगी।
उन्होंने कहा कि जन सुराज का प्रतिनिधिमंडल दो बार चुनाव आयोग से मिल चुका है और एक बार फिर चुनाव प्रेक्षक (Observer) से मुलाकात करेगा।

“24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो चुनाव आयोग के बाहर धरना”
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव आयोग को अंतिम 24 घंटे का समय दिया जा रहा है। यदि इस अवधि में जीविका दीदियों को चुनावी प्रक्रिया से अलग नहीं किया गया तो जन सुराज के नेता और कार्यकर्ता चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे।
छात्र आंदोलन पर भी बोले प्रशांत किशोर
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने छात्रों के आंदोलन पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति सरकार के अलोकतांत्रिक रवैये और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाएगा, जन सुराज उसका समर्थन करेगा।
उन्होंने कहा कि यदि CJP के लोग बिहार आकर छात्रों के मुद्दों पर आंदोलन करते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर युवाओं का आक्रोश स्वाभाविक है।
“धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शुरुआत है”
प्रशांत किशोर ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा यह साबित करता है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज प्रभाव डालती है। उन्होंने कहा कि यह अंत नहीं बल्कि शुरुआत है और आगे भी जनता के मुद्दों पर आंदोलन जारी रहेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये नेता रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, विधानसभा प्रभारी रामबली चंद्रवंशी, पूर्व विधायक किशोर कुमार, सुभाष कुशवाहा, कुमार सौरव, कुमार शांतनु, राकेश पटेल, मसीउद्दीन, संजय ठाकुर सहित कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
