बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में राजस्व संग्रह और अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के मामले में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि विभाग ने जून 2026 तक ₹505.26 करोड़ का राजस्व संग्रह किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि के ₹409.62 करोड़ की तुलना में ₹95.64 करोड़ (करीब 23 प्रतिशत) अधिक है।
मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय विभाग की पारदर्शी व्यवस्था, प्रभावी निगरानी और खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन को दिया।
अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई
डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में:
- 12,877 छापेमारी
- 674 प्राथमिकी दर्ज
- 248 गिरफ्तारियां
- 1,945 वाहन जब्त
- ₹23.20 करोड़ जुर्माना वसूला गया
उन्होंने बताया कि यह वसूली पिछले वर्ष की तुलना में करीब 18 प्रतिशत अधिक है।

खनिज ब्लॉकों की नीलामी में तेजी
मंत्री ने कहा कि बिहार अब वृहद एवं दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए 14 प्रमुख खनिज ब्लॉकों में से:
- रोहतास के दो ग्लूकोनाइट ब्लॉक और
- गया का निकेल-क्रोमियम एवं PGE ब्लॉक
की सफल नीलामी की जा चुकी है।
इसके अलावा रोहतास के भोरा कटरा लाइमस्टोन ब्लॉक की नीलामी राज्य सरकार द्वारा कराई गई है।
जल्द आएंगी नई खनन निविदाएं
डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि:
- जमुई में लौह अयस्क (Iron Ore) के दो ब्लॉक,
- बांका में कॉपर-लेड-जिंक ब्लॉक
की निविदाएं जल्द जारी की जाएंगी।
इसके अलावा नवादा, बांका, रोहतास, औरंगाबाद, गया, शेखपुरा और कैमूर जिलों में पत्थर खनन पट्टों की निविदा प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
औद्योगिक विकास पर फोकस
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी उपयोग कर औद्योगिक विकास को गति देना, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना भी है।
