पटना। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी है। बिहार प्रदेश कांग्रेस ने पटना स्थित सदाकत आश्रम में विजय मार्च निकालकर इसे छात्रों के लंबे संघर्ष की जीत बताया। वहीं कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और शिक्षा बजट को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक, सीबीएसई परीक्षा में कथित अनियमितताओं, लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन चल रहा था। उन्होंने दावा किया कि संसद के भीतर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगातार सरकार को घेरने और छात्रों के आंदोलन के कारण केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा, जिसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पेपर लीक के मुद्दे पर लंबे समय तक चुप्पी साधे रखी और छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया। राजेश राम ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं के साथ न्याय नहीं किया। उनके अनुसार, बिहार सहित देशभर के छात्रों ने आंदोलन को व्यापक समर्थन दिया, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा आंदोलन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में जवाबदेही तय करने और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने जैसी मांगें अभी भी बाकी हैं।
उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुराने बयान का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार में इस्तीफों का दौर शुरू हो चुका है।द्वाज, निशांत करपटने, मेनका कुमारी, आरती राय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने शिक्षा बजट और परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
इससे पहले लोकसभा में कांग्रेस के सचेतक और किशनगंज सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने संवाददाता सम्मेलन में केंद्र सरकार की शिक्षा नीति और बजट पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि संप्रग सरकार के समय शिक्षा बजट सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 4.5 प्रतिशत था, जो वर्तमान सरकार में घटकर लगभग 2.5 प्रतिशत रह गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद हुए हैं और शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है। उनके अनुसार, छात्र आज पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और बेहतर शिक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं तथा राहुल गांधी लगातार इन मुद्दों को संसद और जनता के बीच उठा रहे हैं।

डॉ. जावेद ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के घेराव से लेकर कोटा और देहरादून में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से संवाद तक, कांग्रेस छात्रों की आवाज उठाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के मामले सामने आए, फिर भी समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए।
शिक्षा सुधार और छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शिक्षा बजट में कटौती से स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करना चाहिए और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी एवं लीक-प्रूफ बनाना चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी मांग की कि छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी प्राथमिकी वापस ली जाएं और युवाओं को भयमुक्त वातावरण में बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।
सदाकत आश्रम में विजय मार्च, कांग्रेस नेताओं ने मनाया जश्न
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पटना स्थित सदाकत आश्रम में बिहार कांग्रेस ने विजय मार्च निकाला। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने ढोल-नगाड़ों के साथ छात्रों के संघर्ष की जीत का जश्न मनाया। इस दौरान बिहार विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विधायक मनोज विश्वास, पूर्व डीजीपी करुणा सागर, डॉ. स्नेहाशीष वर्धन पांडेय, पंकज यादव, कुमार आशीष, असितनाथ तिवारी, कमल कमलेश, सूरज यादव, कमलदेव नारायण शुक्ला, प्रेमचंद सिंह, शिशिर कौंडिल्य, उदय चंद्रवंशी, विनीता भगत, अमन कुमार, नदीम अख्तर अंसारी, चंद्रभूषण राजपूत, मृणाल अनामय, विमलेश तिवारी, सुधीर शर्मा, रीता सिंह, रंजीत कुमार वाल्मीकि, अरुण पाठक, दौलत इमाम, विशाल यादव, पूनम यादव, हीरा सिंह बग्गा, सतेंद्र कुमार सिंह, मिहिर झा, मनीष यादव, राहुल भारद्वाज, निशांत करपटने, मेनका कुमारी और आरती राय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
