पटना। Bihar Agriculture Quality Control। बिहार सरकार ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और कीटनाशी उपलब्ध कराने के लिए अमानक कृषि उपादानों के निर्माता और विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला किया है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि कृषि उपादानों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और वित्तीय वर्ष 2025-26 में अमानक पाए जाने वाले उत्पादों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को पटना स्थित रसायन भवन में गुणवत्ता नियंत्रण एवं बीज विश्लेषण प्रयोगशाला के निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली, संसाधनों, परीक्षण क्षमता और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा की।
प्रयोगशालाओं को मिलेगा तकनीकी उन्नयन
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरणों और अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया जाए। साथ ही बायोस्टिमुलेंट (Biostimulant) परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना, उपकरण और मानव संसाधन का प्रस्ताव जल्द तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की सेवाएं भी ली जाएंगी, ताकि जांच प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
हर महीने होगी समीक्षा बैठक
सिन्हा ने निर्देश दिया कि प्रयोगशालाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए हर महीने समीक्षा बैठक आयोजित की जाए और तीन महीने के भीतर जांच व्यवस्था एवं गुणवत्ता नियंत्रण में स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए।

20 हजार बीज नमूनों की जांच का लक्ष्य
कृषि मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के खरीफ मौसम के लिए 20,000 बीज नमूनों की जांच का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक-
- 11,236 बीज नमूनों की जांच की जा चुकी है।
- इनमें 162 नमूने अमानक पाए गए हैं।
- अमानक बीजों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
- संबंधित संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उर्वरक और कीटनाशकों की भी होगी कड़ी निगरानी
कृषि मंत्री ने कार्बनिक, जैव और अकार्बनिक उर्वरकों के साथ-साथ कीटनाशी एवं जैव कीटनाशी नमूनों की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सभी नमूनों की वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए तथा अमानक पाए जाने पर संबंधित निर्माता और विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जिन जिलों से कम संख्या में नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, उनकी समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत कम होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
‘जय अनुसंधान’ को भी बनाना होगा संकल्प
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बदलती कृषि चुनौतियों को देखते हुए अब “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान” के साथ “जय अनुसंधान” को भी अपनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान होगा तभी किसानों तक बेहतर बीज, उर्वरक और नई तकनीक पहुंच सकेगी तथा विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार होगी।
मुख्य बातें
- अमानक बीज, उर्वरक और कीटनाशकों पर होगी सख्त कार्रवाई।
- कृषि उपादानों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं।
- प्रयोगशालाओं का होगा तकनीकी उन्नयन।
- 20,000 बीज नमूनों की जांच का लक्ष्य।
- अब तक 11,236 नमूनों की जांच, 162 अमानक मिले।
- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की तैयारी।
- “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान” के साथ “जय अनुसंधान” पर जोर।
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