बिहार सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और कृषि विपणन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। कृषि रोड मैप (2023-28) के तहत राज्य के 22 कृषि उपज बाजार प्रांगणों के जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण और समुचित विकास पर 1,288.66 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य किसानों को बेहतर विपणन, वैज्ञानिक भंडारण और आधुनिक कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मंत्री ने बताया कि अब तक 8 बाजार प्रांगणों का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष बाजार प्रांगणों में निर्माण कार्य तेजी से जारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए आधुनिक और पारदर्शी बाजार व्यवस्था उपलब्ध होगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे बाजार प्रांगण
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि लंबे समय से उपेक्षित कृषि बाजारों को आधुनिक कृषि व्यापार केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन बाजारों में आधुनिक गोदाम, प्रशासनिक भवन, किसान विश्राम गृह, शौचालय, पेयजल, पार्किंग, आंतरिक सड़कें, इलेक्ट्रॉनिक तौल प्रणाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों की विपणन लागत कम होगी और उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
2026-27 में भी करोड़ों रुपये की स्वीकृति
कृषि मंत्री ने बताया कि नाबार्ड सहायता प्राप्त योजना के तहत राज्य के 12 बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 46.03 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
इसके अलावा 9 अन्य बाजार प्रांगणों के विकास एवं आधुनिकीकरण के लिए 59.23 करोड़ रुपये की राशि भी मंजूर की गई है। इन योजनाओं के जरिए बाजार अवसंरचना को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित एवं लाभकारी मूल्य दिलाना, भंडारण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन की सुविधाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही बिचौलियों की भूमिका कम कर किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी, कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा और राज्य के कृषि उत्पादों की बाजार तक पहुंच मजबूत होगी।
कृषि उत्पादों की बढ़ेगी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार के मखाना, मक्का, फल, सब्जियां, धान, गेहूं सहित अन्य कृषि उत्पादों की देश और विदेश में मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आधुनिक कृषि बाजारों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है ताकि किसानों को उनकी उपज का अधिकतम लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि आधुनिक बाजार प्रांगण कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाएंगे, रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे।
गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष जोर
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसानों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आधुनिक कृषि बाजारों के विकसित होने से बिहार की कृषि विपणन व्यवस्था को नई पहचान मिलेगी और राज्य के किसान आर्थिक रूप से अधिक सशक्त होंगे।
