बिहार सरकार ने विद्यालयों में मिलने वाले मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) की गुणवत्ता सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और समय पर वितरण से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दो माह के भीतर इंसुलेटेड बर्तनों की व्यवस्था, हर प्रखंड में सेंट्रलाइज्ड किचेन और डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) योजना की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि विद्यालयों के बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित स्वयंसेवी संस्थाओं और आपूर्तिकर्ताओं को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों को हर हाल में सुरक्षित, पौष्टिक और गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाए।
विकास भवन स्थित शिक्षा विभाग के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने योजना के संचालन, भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की।
दो माह में इंसुलेटेड बर्तनों की व्यवस्था अनिवार्य
शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी सेंट्रलाइज्ड किचेन संचालित करने वाली संस्थाएं अगले दो माह के भीतर स्टील के बर्तनों की जगह इंसुलेटेड बर्तनों का उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि विद्यालयों तक भोजन गर्म और सुरक्षित अवस्था में पहुंचे।
हर प्रखंड में सेंट्रलाइज्ड किचेन पर जोर
मंत्री ने कहा कि प्रत्येक प्रखंड में कम से कम एक सेंट्रलाइज्ड किचेन स्थापित किया जाए, जबकि बड़े प्रखंडों में दो किचेन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि भोजन तैयार होने से लेकर बच्चों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया 3 से 4 घंटे के भीतर पूरी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों से 7–8 घंटे पहले तैयार भोजन परोसे जाने की शिकायतें मिली हैं, जो स्वीकार्य नहीं हैं। इस व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाएगा।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी
शिक्षा मंत्री ने बताया कि अब प्रखंड साधनसेवी नियमित निरीक्षण करेंगे और भोजन वितरण की तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करेंगे। पूरी व्यवस्था की निगरानी सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
संस्थाओं की जवाबदेही होगी तय
उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना का संचालन करने वाली संस्थाएं स्वयं निगरानी व्यवस्था मजबूत करें और किसी अनधिकृत व्यक्ति की भूमिका समाप्त करें। भविष्य में भोजन निर्माण और वितरण दोनों की जिम्मेदारी एक ही संस्था को सौंपने पर भी विभाग विचार कर रहा है, ताकि गुणवत्ता और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित हो सकें।
बैठक में मध्याह्न भोजन निदेशक सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और योजना से जुड़ी 43 में से 41 स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
