पटना। बिहार विधान परिषद् के 213वें मानसून सत्र में मंगलवार को विभिन्न विभागों से जुड़े अल्पसूचित प्रश्नों पर सरकार ने विस्तृत जवाब दिया। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, गन्ना उद्योग, ऊर्जा और विधि विभाग से जुड़े मुद्दों पर मंत्रियों ने सदन को जानकारी दी। सरकार ने ग्रामीण जलापूर्ति, बिजली व्यवस्था, बंद चीनी मिलों के पुनरुद्धार, नए ग्रिड निर्माण और अधिवक्ताओं के लिए लॉयर्स हॉल के निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी योजना स्पष्ट की।
ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था पर सरकार का जवाब
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित जलापूर्ति योजनाओं का संचालन और रखरखाव संवेदकों के माध्यम से किया जाता है। पंप चालक (अनुरक्षक) नियमित रूप से योजनाओं का संचालन करते हैं। वहीं पंचायती राज विभाग से हस्तांतरित योजनाओं का संचालन पहले से नियुक्त अनुरक्षकों द्वारा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में जलापूर्ति बाधित होती है तो तत्काल मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की जाती है, ताकि ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
नवादा के नारदीगंज और मेसकौर में बनेगी नई जलापूर्ति योजना
मंत्री ने बताया कि नारदीगंज प्रखंड में जून 2026 तक औसत भूजल स्तर 34.59 फीट दर्ज किया गया। यहां 14 ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाएं, 139 वार्ड स्तरीय योजनाएं और 677 चापाकल संचालित हैं।
हालांकि हड़िया, डोहरा और पेश पंचायत के सात बसावटों में गर्मी के दौरान जलस्तर काफी नीचे चला जाता है। इसके स्थायी समाधान के लिए फल्गु (पैमार) नदी के किनारे उच्च क्षमता वाले नलकूप स्थापित कर नई जलापूर्ति योजना तैयार की जा रही है। इसी प्रकार मेसकौर प्रखंड में भी भूजल स्तर घटने के कारण बहुग्रामीय जलापूर्ति योजना का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
बंद चीनी मिलों को फिर से चालू करेगी सरकार
गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि फिलहाल बिहार में 10 चीनी मिलें संचालित हैं और किसानों को गन्ने का भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि ‘सात निश्चय-3’ के तहत बंद पड़ी चीनी मिलों को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने और नई चीनी मिलें स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। साथ ही बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 लागू कर निवेशकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार का दावा
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि पश्चिम चंपारण, नालंदा, कटिहार, भोजपुर और सीतामढ़ी सहित विभिन्न जिलों में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
मुख्य घोषणाएं:
- कटिहार के कोढ़ा में 220/132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र निर्माण की प्रक्रिया जारी।
- भोजपुर के आरा में सात पावर सब-स्टेशन से बिजली आपूर्ति।
- किसानों को कृषि फीडर से 12 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
- शहरी क्षेत्रों में लगभग 22-23 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 21-22 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा।
- नालंदा के बिहारशरीफ में एलटी केबल की मरम्मत कर बिजली बहाल की गई।
- सीतामढ़ी के बाजपट्टी में जला कृषि ट्रांसफॉर्मर बदल दिया गया है।
मुजफ्फरपुर व्यवहार न्यायालय में बनेगा नया लॉयर्स हॉल
सरकार ने बताया कि केंद्र प्रायोजित योजना के तहत 70.05 लाख रुपये की लागत से मुजफ्फरपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में नया लॉयर्स हॉल बनाया जाएगा। निर्माण के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है।
सरकार का दावा
सरकार ने कहा कि राज्य में आधारभूत संरचना, ग्रामीण जलापूर्ति, बिजली व्यवस्था और कृषि आधारित उद्योगों को मजबूत करने के लिए योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जा रही है।
