पटना। बिहार विधानसभा सचिवालय में प्रशासनिक कार्यों को अधिक तेज, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को विधानसभा सचिवालय में डिजिटल प्रिंटिंग प्रेस की स्थापना से संबंधित आवश्यक विषयों पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधानसभा सचिवालय के वरीय अधिकारी, बिहार सचिवालय मुद्रणालय (गुलजारबाग प्रेस) के प्रतिनिधि तथा बिहार विधान परिषद के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि वर्तमान में विधानसभा सचिवालय के सत्र संबंधी अधिकांश महत्वपूर्ण दस्तावेजों का मुद्रण बिहार सचिवालय मुद्रणालय, गुलजारबाग, पटना द्वारा कराया जाता है। इसके अलावा सदस्यों के लेटर पैड, विधानसभा लेटर पैड, लिफाफे, डायरी, दूरभाष निर्देशिका, कार पास, विभिन्न प्रकार के बीटीसी फॉर्म, वेतन रजिस्टर सहित अन्य सामग्री का मुद्रण स्थानीय एजेंसियों के माध्यम से कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में आकस्मिक एवं अत्यावश्यक दस्तावेजों की समय पर छपाई कराना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। साथ ही मुद्रणालय विधानसभा सचिवालय से दूर होने के कारण मुद्रित सामग्री उपलब्ध कराने में भी अतिरिक्त समय लगता है। इन व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए विधानसभा सचिवालय परिसर में ही बिहार सचिवालय मुद्रणालय, गुलजारबाग के मानकों के अनुरूप डिजिटल प्रिंटिंग प्रेस स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
बैठक में गुलजारबाग प्रेस के प्रतिनिधियों ने बताया कि डिजिटल प्रेस की स्थापना के लिए लगभग 2500 वर्ग फीट क्षेत्रफल वाले भवन एवं स्टोर की आवश्यकता होगी। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सचिवालय के वरीय अधिकारियों को उपयुक्त स्थान का चयन कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि डिजिटल प्रिंटिंग प्रेस स्थापित होने के बाद A3 आकार तक के रंगीन एवं ब्लैक एंड व्हाइट दस्तावेजों की छपाई और बाइंडिंग सचिवालय परिसर में ही की जा सकेगी। इससे विधानसभा की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और समयबद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि सचिवालय में डिजिटल प्रेस की स्थापना से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, मुद्रण लागत में कमी होगी तथा गोपनीय एवं संवेदनशील सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इसके अलावा प्रिंट ऑन डिमांड सुविधा उपलब्ध होने से आवश्यकता के अनुसार तत्काल दस्तावेजों की छपाई संभव होगी और गोपनीय दस्तावेजों को सचिवालय के भीतर ही सुरक्षित तरीके से मुद्रित किया जा सकेगा।
बैठक में अधिकारियों ने डिजिटल प्रिंटिंग प्रेस की स्थापना से जुड़े तकनीकी, प्रशासनिक एवं आधारभूत संरचना संबंधी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
