पटना: भाकपा (माले) के वरिष्ठ नेता, पूर्व बिहार राज्य सचिव एवं लंबे समय तक पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य रहे कॉमरेड नंदकिशोर प्रसाद (जमुना जी) की स्मृति में मंगलवार को पटना स्थित जगजीवन राम शोध संस्थान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर महागठबंधन के कई वरिष्ठ नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत भाकपा (माले) के बिहार राज्य सचिव का. कुणाल द्वारा पार्टी की ओर से जारी श्रद्धांजलि प्रस्ताव के पाठ से हुई। उन्होंने जमुना जी के संघर्षपूर्ण जीवन, संगठनात्मक योगदान और जनपक्षधर राजनीति के प्रति उनकी आजीवन प्रतिबद्धता को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के महासचिव ने कहा कि कॉमरेड जमुना जी पार्टी के शुरुआती दौर की क्रांतिकारी ऊर्जा को आगे बढ़ाने वाले नेताओं में अग्रणी थे। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी को संघर्ष के रास्ते पर मजबूती से टिकाए रखा। आज जरूरत है कि नई पीढ़ी उनके साहस, प्रतिबद्धता और संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाए।
दीपंकर भट्टाचार्य ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बिहार में जिस तरह एनकाउंटर और बुलडोजर की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है, वह लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि भाजपा इसे कानून-व्यवस्था का मॉडल बताने की कोशिश कर रही है, जबकि यह माफिया राज से कम नहीं है। कानून के शासन में न तो एनकाउंटर की जगह है और न ही बुलडोजर न्याय की। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर उठ रहे सवाल इस मॉडल की सच्चाई को उजागर करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री छोटे कारोबारियों और मेहनतकश तबकों के साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हीं गरीबों और रोज़ी-रोटी कमाने वालों को उजाड़ने का काम किया जाता है।
राजद के प्रधान महासचिव ने जमुना जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके संघर्षों और जनपक्षधर राजनीति को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि बिहार को भाजपा की फासीवादी राजनीति से मुक्त करने के लिए लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष शक्तियों की एकजुटता और मजबूत करनी होगी।
सभा को संबोधित करते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता सर्वोदय शर्मा ने कहा कि आज देश आर्थिक और राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है। कॉमरेड जमुना जी वामपंथी आंदोलन के मजबूत स्तंभ थे और उनका निधन जनवादी आंदोलन की अपूरणीय क्षति है।
भाकपा के वरिष्ठ नेता रामलला सिंह ने भी जमुना जी के साथ संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि कॉरपोरेट लूट, सांप्रदायिकता और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ साझा संघर्ष ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस श्रद्धांजलि सभा में वरिष्ठ नेता स्वदेश भट्टाचार्य, हलधर महतो, प्रभात कुमार, मीना तिवारी, के.डी. यादव, मनोज भक्त, विधान परिषद सदस्य शशि यादव, सांसद सुदामा प्रसाद, निवेदिता झा, प्रीति सिन्हा, बलदेव झा सहित अनेक नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता के.डी. यादव ने की जबकि संचालन मीना तिवारी ने किया
