बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों की प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और शिक्षा में नवाचार, गुणवत्ता तथा आधारभूत सुविधाओं के विकास पर लगातार निवेश किया जा रहा है।
बक्सर में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत है और आने वाले वर्षों में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या 98 से 99 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
हर प्रखंड में बनेंगे सरस्वती विद्या निकेतन
मिथिलेश तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट सरस्वती विद्या निकेतन के तहत राज्य के प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ और दक्ष शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
उन्होंने कहा कि ये मॉडल स्कूल भविष्य में उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र बनेंगे और अन्य विद्यालयों के लिए भी मानक स्थापित करेंगे। सरकार का उद्देश्य छात्रों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।

शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
मेधावी छात्र सम्मान समारोह के बाद जिला अतिथि गृह, बक्सर में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन, छात्रों की उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी तक उसका लाभ पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल विद्यालयों में नामांकन और उपस्थिति बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। सरकारी विद्यालयों को आमजन के विश्वास का केंद्र बनाने के लिए सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में विधान परिषद सदस्य जीवन कुमार, जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
