पटना। बिहार सहकारिता नीति 2026 पर कैबिनेट की मुहर लग गई है। बिहार सरकार ने सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार राज्य सहकारिता नीति 2026 को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि इस नई नीति से राज्य में सहकारिता आंदोलन को नई गति मिलेगी और युवाओं, महिलाओं तथा समाज के वंचित वर्गों की भागीदारी बढ़ेगी।
सहकारिता विभाग ने इस नीति का प्रारूप तैयार करने के लिए विभागीय अधिकारियों, सहकारिता क्षेत्र के विशेषज्ञों और विभिन्न हितधारकों की समिति बनाई थी। प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार नीति का उद्देश्य राज्य की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप आत्मनिर्भर, समावेशी और आधुनिक सहकारी व्यवस्था विकसित करना है।
‘सशक्त सहकारिता–समृद्ध बिहार’ होगा विजन
नई नीति का विजन “सशक्त सहकारिता–समृद्ध बिहार” रखा गया है। सरकार का लक्ष्य सहकारी समितियों को आधुनिक, तकनीक आधारित, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी संस्थाओं में बदलना है ताकि ‘समृद्ध एवं विकसित बिहार’ के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
इसके तहत कृषि के अलावा डेयरी, मत्स्य पालन, कृषि व्यवसाय, भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण, सेवा क्षेत्र, पर्यटन तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में नई सहकारी समितियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों पर विशेष जोर
नई नीति के तहत युवाओं, महिलाओं, पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगों तथा अन्य वंचित वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना का होगा विस्तार
बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत वेजफेड की त्रिस्तरीय सहकारी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
इसके लिए-
- पंचायत स्तर पर संग्रहण केंद्र बनाए जाएंगे।
- प्रखंड स्तर पर आधारभूत संरचना विकसित होगी।
- समितियों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी।
- रेफ्रिजरेटेड (रेफर) वाहनों की व्यवस्था होगी।
सरकार का दावा है कि इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और कृषि विपणन व्यवस्था मजबूत होगी।
बंद चीनी मिलों का होगा पुनरुद्धार
सरकार ने दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी स्थित बंद चीनी मिलों की भूमि पर नई सहकारी चीनी मिल एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का भी निर्णय लिया है।
इसके लिए दोनों मिलों की भूमि इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) को 30 वर्षों की लीज पर एक रुपये की टोकन राशि पर देने का प्रस्ताव है।
सहकारिता मंत्री ने क्या कहा
सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बिहार राज्य सहकारिता नीति 2026, चीनी मिलों के पुनरुद्धार और सब्जी प्रसंस्करण योजना का विस्तार राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्य बिंदु (Highlights)
- बिहार राज्य सहकारिता नीति 2026 को कैबिनेट की मंजूरी।
- ‘सशक्त सहकारिता–समृद्ध बिहार’ होगा विजन।
- युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की भागीदारी बढ़ेगी।
- कृषि के साथ डेयरी, मत्स्य, पर्यटन और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा।
- वेजफेड की सहकारी श्रृंखला का विस्तार।
- पंचायत स्तर पर संग्रहण केंद्र और रेफर वाहनों की व्यवस्था।
- रैयाम और सकरी चीनी मिलों का पुनरुद्धार।
- किसानों की आय और ग्रामीण रोजगार बढ़ाने पर जोर।
महत्वपूर्ण फैसले (टेबल)
| निर्णय | विवरण |
|---|---|
| नई नीति | बिहार राज्य सहकारिता नीति 2026 |
| विजन | सशक्त सहकारिता–समृद्ध बिहार |
| प्राथमिक लाभार्थी | किसान, युवा, महिलाएं, वंचित वर्ग |
| नए क्षेत्र | डेयरी, मत्स्य, पर्यटन, सेवा, कृषि व्यवसाय |
| सब्जी योजना | संग्रहण केंद्र, रेफर वाहन, कार्यशील पूंजी |
| चीनी मिल | रैयाम और सकरी में पुनरुद्धार |
| लीज अवधि | 30 वर्ष |
| लीज राशि | 1 रुपये (टोकन) |
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