Patna | Freelancer Post
आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने वाले प्रेरणा IAS संस्थान ने एक बार फिर अपनी सफलता का परचम लहराया है। 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में संस्थान से जुड़े 26 अभ्यर्थियों का विभिन्न प्रशासनिक पदों पर चयन हुआ है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह में चयनित अभ्यर्थियों को शॉल, माला और स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में सफल अभ्यर्थियों ने अपने संघर्ष, असफलताओं और सफलता की यात्रा साझा करते हुए कहा कि प्रेरणा IAS संस्थान का मॉक इंटरव्यू बोर्ड उनकी सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार रहा। कई चयनित उम्मीदवारों ने दावा किया कि बिहार में इस स्तर का मॉक इंटरव्यू बोर्ड दूसरा नहीं है।
ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों ने लिखी सफलता की नई कहानी
संस्थान से चयनित अधिकांश अभ्यर्थी ग्रामीण और आर्थिक रूप से साधारण परिवारों से आते हैं। कई उम्मीदवार ऐसे भी रहे जिन्होंने लगातार तीन-चार बार असफलता झेली, लेकिन हार नहीं मानी और अंततः सफलता हासिल की। इन सफल अभ्यर्थियों में आने वाले दिनों में डीएसपी, आरडीओ, राजस्व अधिकारी, सप्लाई इंस्पेक्टर, बीपीआरओ, एमईओ, बीईएस समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवा देने वाले अधिकारी शामिल हैं।

पूर्व IAS अधिकारियों ने दी ईमानदार प्रशासन की सीख
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त IAS अधिकारी शिव कुमार शैव और सर्व नारायण यादव ने चयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि अधिकारी बनने के बाद चुनौतियां और दबाव बढ़ जाते हैं, लेकिन एक सच्चे अधिकारी का दायित्व है कि वह निष्पक्षता, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा करे तथा सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाए।
गरीब मेधावी छात्रों के लिए उम्मीद बना प्रेरणा IAS
पूर्व IAS अधिकारी सर्व नारायण यादव ने कहा कि प्रेरणा IAS संस्थान हर वर्ष बेहतर परिणाम दे रहा है क्योंकि यहां आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को पूरी तरह नि:शुल्क मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव किसी प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए और प्रेरणा इसी उद्देश्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहा है।
‘हर सफलता के पीछे समाज का योगदान’ : पवन यादव
कार्यक्रम में मौजूद पूर्व विधायक पवन यादव ने संस्थान के निदेशक लालटून यादव को बधाई देते हुए कहा कि प्रेरणा आज पूरे बिहार में भरोसे का नाम बन चुकी है।
उन्होंने सफल अभ्यर्थियों से अपील की कि वे अपने माता-पिता के संघर्ष को कभी न भूलें और भविष्य में अपने गांव एवं समाज के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की सहायता अवश्य करें।

100 से अधिक अधिकारी दे चुका है प्रेरणा IAS संस्थान
संस्थान के निदेशक लालटून यादव ने बताया कि स्थापना से लेकर अब तक प्रेरणा IAS से जुड़े 100 से अधिक छात्र-छात्राएं प्रशासनिक अधिकारी बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल नौकरी दिलाना नहीं बल्कि सामाजिक, बौद्धिक और राजनीतिक चेतना से संपन्न जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है।

मिशन है प्रतिभा को अवसर देना
संस्थान के शिक्षक डॉ. रविकांता निराला ने कहा कि प्रेरणा IAS का उद्देश्य उन प्रतिभाशाली युवाओं को आगे लाना है जो आर्थिक अभाव के कारण पीछे रह जाते हैं।
उन्होंने कहा कि संस्था समाज के सहयोग से ऐसे युवाओं के लिए अवसर तैयार कर रही है ताकि वे प्रशासनिक सेवाओं के माध्यम से समाज में बदलाव ला सकें।
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टीमवर्क का परिणाम है सफलता : शशि सुमन
संस्थान के शशि सुमन ने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है। नियमित मॉक टेस्ट, मॉक इंटरव्यू और अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन ने छात्रों को अंतिम चयन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन पदों पर हुआ चयन
प्रेरणा IAS संस्थान से जुड़े सफल अभ्यर्थियों में-
- प्रियंका कुमारी – DSP
- बिपीन कुमार – DSP
- संचित कुमार – DSP
- अविनाश राय – RDO
- राजेश रंजन – RDO
- ब्यूटी कुमारी – RDO
- संजीत कुमार – RDO
- सदानंद कुमार – RDO
- संगीता कुमारी – BPRO
- विवेक कुमार – Revenue Officer
- अनंत कुमार – Revenue Officer
- सोनम राज – Revenue Officer
- तनु कुमारी – MEO
- सतीश कुमार – BWO
- खुशबू कुमारी – MO
- सचिन कुमारी – BES
- ललन कुमार – Revenue Officer
- आसी कुमारी – BPRO
- मनीषा भारती – ACDC
- राजीव कुमार – BPRO
- कौशल किशोर – SC/ST Officer
सभी चयनित अभ्यर्थियों ने समाज के वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।
Freelancer Post निष्कर्ष
70वीं BPSC में प्रेरणा IAS संस्थान की सफलता केवल परीक्षा परिणाम नहीं बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत और समाज के सहयोग से आर्थिक अभाव भी प्रतिभा को रोक नहीं सकता। संस्थान ने एक बार फिर साबित किया है कि अवसर मिलने पर ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चे भी प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
