Nalanda Dairy Curd Lassi Plant : बिहार में डेयरी क्षेत्र को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को बिहारशरीफ स्थित नालंदा डेयरी में 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले अत्याधुनिक दही-लस्सी प्लांट का शिलान्यास किया। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्लांट के शुरू होने के बाद प्रतिदिन 20 मीट्रिक टन अतिरिक्त दही का उत्पादन संभव होगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नालंदा डेयरी परिसर का निरीक्षण भी किया और अधिकारियों को परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
त्योहारों में नहीं होगी दही-लस्सी की कमी
वर्तमान में नालंदा डेयरी में दही और लस्सी उत्पादन के लिए अलग समर्पित प्लांट नहीं होने के कारण शादी-विवाह और होली, छठ, दीपावली जैसे पर्वों के दौरान बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए अन्य जिलों की डेयरियों पर निर्भर रहना पड़ता है।

नए प्लांट के चालू होने के बाद स्थानीय स्तर पर ही बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाले पैकेज्ड दही और लस्सी का उत्पादन किया जाएगा। इससे न केवल उपभोक्ताओं को ताजे उत्पाद मिलेंगे बल्कि दूध उत्पादकों को भी बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।
दूध का होगा मूल्यवर्धन, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
डेयरी विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार सरकार और कॉम्फेड की उस नीति को मजबूती देगी, जिसके तहत केवल दूध का विपणन ही नहीं बल्कि उसका मूल्यवर्धन कर किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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स्थानीय उत्पादन बढ़ने से परिवहन लागत कम होगी, सप्लाई चेन मजबूत होगी और सुधा ब्रांड के उत्पाद अधिक तेजी से बाजार तक पहुंच सकेंगे।
8 अत्याधुनिक पशु परिवहन वाहनों को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आठ पशु उठाव एवं परिवहन वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
ये वाहन राज्य के आठ प्रमंडलों में तैनात रहेंगे और 24 घंटे पशु सेवा उपलब्ध कराएंगे।
प्रत्येक वाहन में—
- पशु चिकित्सक के लिए अलग केबिन
- चालक के लिए अलग केबिन
- पशुओं के सुरक्षित परिवहन की विशेष व्यवस्था
- ऑटोमैटिक हाइड्रोलिक सिस्टम
- 1500 किलोग्राम तक पशु परिवहन की क्षमता
प्रत्येक वाहन की लागत लगभग 38 लाख रुपये बताई गई है।
पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर संपर्क कर इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

नालंदा डेयरी की विशेषताएं
बिहारशरीफ स्थित नालंदा डेयरी बिहार राज्य दुग्ध सहकारी महासंघ लिमिटेड (कॉम्फेड) की प्रमुख आधुनिक डेयरियों में शामिल है।
- लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में फैली डेयरी
- वर्ष 2014 में शुरुआत
- 4 लाख लीटर प्रतिदिन दूध प्रसंस्करण क्षमता
- 30 मीट्रिक टन प्रतिदिन मिल्क पाउडर उत्पादन क्षमता
- अत्याधुनिक UHT एवं Tetra Pack तकनीक
- प्रतिदिन 20 हजार लीटर आइसक्रीम उत्पादन क्षमता
- 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन बटर उत्पादन
- 5 किलोलीटर प्रति घंटा घी उत्पादन क्षमता
88 हजार लीटर से अधिक दूध का होता है संग्रह
नालंदा, शेखपुरा और नवादा जिलों के दुग्ध उत्पादकों से प्रतिदिन औसतन 88 हजार लीटर से अधिक दूध संग्रहित किया जाता है। यहां तैयार उत्पादों की आपूर्ति बिहार के अलावा झारखंड तथा पूर्वोत्तर राज्यों तक की जाती है।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, कॉम्फेड के अध्यक्ष कपिल देव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।
