शिक्षा सचिव राजीव रौशन के निर्देश, 30 सितंबर को मॉडल स्कूलों का होगा निरीक्षण; हर मंगलवार विषयवार टेस्ट
पटना। राज्य में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में संचालित 700 मॉडल स्कूलों के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। नोडल अधिकारी संबंधित स्कूल को गोद लेकर वहां की शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत संरचना और शिक्षण व्यवस्था की नियमित निगरानी करेंगे। इस संबंध में सभी जिलों को पत्र जारी किया जा चुका है।
बुधवार को शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन की अध्यक्षता में हुई आभासी बैठक में मॉडल स्कूलों की आधारभूत संरचना, शैक्षणिक गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और विभाग के वरीय अधिकारी शामिल हुए।
30 सितंबर को मॉडल स्कूलों का निरीक्षण
शिक्षा सचिव ने बताया कि 30 सितंबर को अधिकारियों की टीम मॉडल स्कूलों का निरीक्षण करेगी। इस दौरान स्कूलों में किए जा रहे बदलावों और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया जाएगा।
अधिकारी स्कूलों की आधारभूत संरचना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए चल रही कोचिंग और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। निरीक्षण से संबंधित फोटो और वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर भी साझा किए जाएंगे।
औचक निरीक्षण के लिए जिलावार अधिकारियों की सूची तैयार
मॉडल स्कूलों के औचक निरीक्षण के लिए अधिकारियों की जिलावार सूची तैयार कर ली गई है। निरीक्षण के दौरान अधिकारी कक्षाओं में जाकर यह भी देखेंगे कि विद्यार्थी क्या सीख रहे हैं और शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया किस तरह संचालित हो रही है।
इसका उद्देश्य केवल स्कूल की भौतिक सुविधाओं की जांच करना नहीं, बल्कि कक्षा में पढ़ाई की वास्तविक स्थिति और विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का आकलन करना भी है।
हर मंगलवार होगा विषयवार टेस्ट
विद्यार्थियों की नियमित प्रगति जांचने के लिए हर मंगलवार विषयवार टेस्ट आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक कक्षा के बोर्ड पर प्रश्न लिखे जाएंगे और इसके लिए अलग से प्रश्नपत्र जारी नहीं किया जाएगा।
एक महीने में चार विषयों का टेस्ट लिया जाएगा। शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करने के बाद विद्यार्थियों को फीडबैक देंगे। इससे विद्यार्थियों की प्रगति का पता लगाने और कमजोरियों में सुधार करने में मदद मिलेगी।
यदि मंगलवार को अवकाश रहता है तो टेस्ट बुधवार को आयोजित किया जाएगा।
विद्यार्थियों को मिलेगा मॉनिटर बनने का मौका
बैठक में विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया गया। प्रत्येक कक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को क्लास मॉनिटर बनाया जाएगा और उन्हें बैज दिया जाएगा।
क्लास मॉनिटर को हर महीने बदलने का प्रयास किया जाएगा। सभी क्लास मॉनिटर मिलकर स्कूल मॉनिटर का चयन करेंगे। स्कूल मॉनिटर पढ़ाई के साथ-साथ विद्यालय की अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भी भाग लेगा।
‘बेस्ट टीचर ऑफ द मंथ’ से शिक्षकों को मिलेगा प्रोत्साहन
मॉडल स्कूलों में शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए ‘बेस्ट टीचर ऑफ द मंथ’ चुने जाने की पहल की जाएगी।
शिक्षा सचिव ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को बैज देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
कक्षा में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक
बैठक में शिक्षकों के कक्षा में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगाने का भी निर्देश दिया गया। शिक्षक अपना मोबाइल संदूक में रखकर उसे लॉक कर सकेंगे और चाबी अपने पास रखेंगे।
पहली कक्षा खत्म होने और दूसरी कक्षा शुरू होने के बीच मिलने वाले समय में शिक्षक जरूरी फोन कॉल या संदेश देख सकेंगे। विभाग का उद्देश्य है कि कक्षा के दौरान शिक्षकों का पूरा ध्यान पठन-पाठन पर रहे।
एथलेटिक्स पर रहेगा विशेष फोकस
मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के शारीरिक विकास और खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए खेलकूद गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
स्कूलों में दौड़, लंबी कूद और ऊंची कूद जैसी एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विभाग का मानना है कि कम लागत में इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ा जा सकता है और उनकी प्रतिभा को विकसित किया जा सकता है।
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