संजय झा बोले- महिलाओं के दिल से नीतीश कुमार का नाम नहीं मिटाया जा सकता; निशांत ने जीविका को बताया महिला सशक्तीकरण का उदाहरण
पटना। 2 अक्टूबर। जीविका कार्यक्रम के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जनता दल (यू) के प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में गांधी जयंती के दिन ‘नीतीश संवाद-जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान नेताओं ने महात्मा गांधी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। 2 अक्टूबर को पटना के साथ बिहार के सभी 38 जिलों में भी जदयू की ओर से इसी थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन कुमार सर्राफ और मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी समेत कई नेता मौजूद रहे।
महिलाओं ने जीविका के 20 साल के अनुभव साझा किए
कार्यक्रम के दौरान मौजूद महिलाओं ने जीविका से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके आर्थिक और सामाजिक जीवन में बदलाव आया और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला।
जदयू के मुताबिक, वर्तमान में बिहार की 1.88 करोड़ से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं। प्रकाशित रिपोर्टों में भी इस आंकड़े का उल्लेख किया गया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू प्रदेश महासचिव डॉ. श्वेता विश्वास ने की। संचालन प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अनुप्रिया ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पल्लवी पटेल ने किया।
‘महिलाओं के दिल से नीतीश कुमार का नाम नहीं मिट सकता’: संजय झा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि नीतीश कुमार ने नवंबर 2005 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 2006 में विश्व बैंक के सहयोग से जीविका कार्यक्रम की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि जीविका ने बिहार की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक जीवन में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संजय झा ने साइकिल योजना समेत महिला शिक्षा और सशक्तीकरण से जुड़ी विभिन्न पहलों का भी उल्लेख किया।
संजय झा ने कहा कि “जब भी महिला सशक्तीकरण की चर्चा होगी, नीतीश कुमार का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।” उन्होंने कहा कि राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद बिहार की महिलाओं के बीच नीतीश कुमार के प्रति सम्मान बना रहेगा।
निशांत बोले- जीविका महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण का उदाहरण
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 2005 के बाद सरकार ने महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी और शिक्षा, सत्ता तथा रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए।

उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण तथा जीविका कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि जीविका का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था।
निशांत के मुताबिक, जीविका से जुड़ी महिलाएं कृषि, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। उन्होंने जीविका के 20 वर्षों के सफर को महिला सशक्तीकरण का उदाहरण बताया।
‘जीविका की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएं’: उमेश कुशवाहा
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि 20 वर्ष पहले जीविका की शुरुआत एक छोटे पौधे के रूप में हुई थी, जो अब बड़े नेटवर्क में बदल चुका है। उन्होंने दावा किया कि जीविका से 1 करोड़ 88 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, महिलाओं के लिए आरक्षण, पोशाक योजना, साइकिल योजना और मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।
उमेश कुशवाहा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से जीविका की उपलब्धियों और नीतीश कुमार की सोच को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
बिहार के सभी 38 जिलों में हुआ कार्यक्रम
जदयू की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, ‘नीतीश संवाद-जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम का आयोजन बिहार के सभी 38 जिलों में किया गया। विभिन्न जिलों में पार्टी नेताओं और जीविका से जुड़ी महिलाओं ने महिला सशक्तीकरण और जीविका के दो दशक के सफर पर चर्चा की
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