जमुई मामले को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला; पुनीत सिंह पारिया ने कहा- न्यायसंगत कार्रवाई से आपत्ति नहीं, लेकिन परिवार को प्रताड़ित करना स्वीकार नहीं
पटना, 26 सितंबर 2026। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने शनिवार को सदाकत आश्रम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्य में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जमुई समेत हाल की घटनाएं राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती हैं।
राजेश राम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिया गया ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा बिहार में बेटियों की सुरक्षा के सवाल पर खोखला साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जमुई की घटना और उसके बाद पीड़िता एवं उसके परिवार से जुड़े घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जमुई में 19 सितंबर को एक नाबालिग छात्रा और उसके पुरुष सहपाठी को कथित तौर पर रोककर उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए SIT गठित की थी।
‘पीड़िता की निजता और पहचान की रक्षा जरूरी’
राजेश राम ने कहा कि यौन अपराधों के मामलों में पीड़िता की पहचान और निजता की रक्षा करना कानून और संवेदनशीलता दोनों की दृष्टि से जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी अथवा मुख्यमंत्री से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल से पीड़ित परिवार से संबंधित कोई सामग्री प्रसारित की गई है तो इसकी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होनी चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि क्या कानून आम नागरिक और सत्ता में बैठे लोगों के लिए अलग-अलग है। उन्होंने कहा कि यदि किसी आम नागरिक के खिलाफ ऐसी स्थिति में कार्रवाई की जा सकती है तो सत्ता के शीर्ष स्तर से जुड़े किसी मामले की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर बिहार पुलिस पहले ही लोगों को चेतावनी दे चुकी है। पुलिस ने पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को साझा करने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
‘अपराधियों को पकड़ने के लिए रील बनाने का इंतजार क्यों?’
राजेश राम ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें अपराधियों के रील बनाने के बाद पकड़े जाने की बात कही गई थी।
राजेश राम ने कहा, “क्या बिहार में अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस को उनके रील बनाने का इंतजार करना पड़ेगा? बिहार को रील नहीं, कानून का राज चाहिए।”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

पुनीत सिंह पारिया बोले- कार्रवाई हो, लेकिन परिवार को प्रताड़ित न किया जाए
बिहार युवा कांग्रेस के सचिव एवं बिहार प्रभारी पुनीत सिंह पारिया ने कहा कि जमुई की घटना के विरोध में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता नवीन ने प्रदर्शन किया था।
उन्होंने कहा कि यदि नवीन या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कोई कानूनसम्मत मामला बनता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को न्यायसंगत कानूनी कार्रवाई से कोई आपत्ति नहीं है।
हालांकि, पारिया ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद नवीन के परिवार को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत कार्रवाई और परिवार को प्रताड़ित करने में अंतर है और प्रशासनिक शक्ति के कथित दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
‘पुलिस कस्टडी से सोशल मीडिया तक वीडियो कैसे पहुंचा?’
पुनीत सिंह पारिया ने एक कथित वीडियो को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि कोई वीडियो पुलिस कस्टडी में बनाया गया और बाद में मुख्यमंत्री से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंचा, तो यह जांच का विषय है कि वीडियो पुलिस कस्टडी से बाहर कैसे आया।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यह स्पष्ट किया जाए कि वीडियो किसने बनाया, किसके निर्देश पर बनाया गया और उसे सोशल मीडिया तक किसने पहुंचाया।
उन्होंने नवीन के परिवार के सदस्यों को रात में थाने ले जाने के आरोपों पर भी सवाल उठाया। पारिया ने कहा कि यदि परिवार के सदस्य उस मामले में वांछित नहीं थे तो उन्हें किस कानूनी प्रक्रिया और किस अधिकार के तहत थाने लाया गया, इसका जवाब पुलिस को देना चाहिए।
महिला कांग्रेस ने भी लगाए दबाव बनाने के आरोप
महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. कुमारी सोनी ने कहा कि वह स्वयं जमुई में पीड़ित परिवारों से मिली हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि घटना के बाद पीड़ित परिवारों को बुलाकर समझाया जा रहा है और सरकार के पक्ष में बयान देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
डॉ. सोनी ने सरकार से महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई
जमुई मामले में पुलिस के अनुसार घटना 19 सितंबर की शाम हुई थी। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की। शुरुआती रिपोर्टों में सात-आठ लोगों की पहचान और तीन गिरफ्तारियों की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस ने सभी सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी और मुख्य आरोपी नंदन यादव के पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने की बात सामने आई।
इस मामले में POCSO समेत संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है और घटना की जांच के लिए SIT गठित की गई थी।
संवाददाता सम्मेलन में पुनीत सिंह पारिया, डॉ. कुमारी सोनी, विकास झा, मिन्नत रहमानी, डॉ. संजय यादव और प्रेमचंद सिंह मौजूद रहे।
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