राउज एवेन्यू कोर्ट में आज पूरी नहीं हो सकी चार्ज फ्रेमिंग की औपचारिक कार्रवाई; 10 सितंबर को नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश हो चुका है
नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में रेलवे के IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में शनिवार को आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पेश हुए। हालांकि मामले में आरोपों की औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने अब मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को करने का आदेश दिया है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 10 सितंबर 2026 को कोर्ट पहले ही नौ आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय करने का आदेश दे चुका है। आज की कार्यवाही में उन आरोपों को औपचारिक रूप से पढ़े जाने/आगे की प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन यह कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी।
9 आरोपियों के खिलाफ आगे बढ़ेगा मामला
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की ओर से दाखिल केस में कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सितंबर में अदालत ने सात आरोपियों को डिस्चार्ज करते हुए नौ आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। इनमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपी शामिल हैं।
क्या है IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस?
यह मामला 2004 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल के दौरान रांची और पुरी स्थित IRCTC के दो होटलों के रखरखाव और संचालन के टेंडर से जुड़ा है।
ईडी के आरोपों के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के जरिए सुजाता होटल्स को दोनों होटलों के संचालन का ठेका दिलाया गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि इसके बदले पटना में जमीन से जुड़ा लेन-देन हुआ और इसी कथित अपराध से हासिल संपत्ति को बाद में मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए इस्तेमाल/प्रोजेक्ट किया गया।
10 सितंबर के अपने आदेश में कोर्ट ने कहा था कि आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार/“strong suspicion” मौजूद है। यह आरोपों के अंतिम रूप से साबित होने का निष्कर्ष नहीं है; मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी है।
सीबीआई केस में भी आरोप तय हो चुके हैं
इसी मामले से जुड़े मूल अपराध की जांच सीबीआई कर रही है। अदालत पहले ही लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और अन्य आरोपों से जुड़ी कार्यवाही आगे बढ़ा चुकी है। ईडी की जांच कथित अपराध से प्राप्त रकम/संपत्ति की मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है।
अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को होगी।
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