बिहार सरकार ने राज्य में भूमि निबंधन व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को वैशाली (हाजीपुर) स्थित जिला निबंधन कार्यालय से अत्याधुनिक होम रजिस्ट्री डिजिटल सिस्टम का शुभारंभ किया। इसके साथ ही बिहार में होम रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन भूमि सत्यापन, पेपरलेस निबंधन और जीआईएस आधारित स्थल निरीक्षण जैसी चार नई डिजिटल सेवाएं शुरू हो गई हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए तैयार की गई मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हालांकि उन्होंने घोषणा की कि अब इस सुविधा का लाभ 75 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक भी अपने घर बैठे उठा सकेंगे।
घर बैठे होगी संपत्ति की रजिस्ट्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बुजुर्गों और आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत देना है। नई व्यवस्था के तहत पात्र नागरिक अपने घर पर ही संपत्ति का निबंधन करा सकेंगे। इससे समय की बचत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 83 वर्षीय अवधेश कुमार के डिजिटल निबंधन का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिससे नई प्रणाली की कार्यक्षमता दिखाई गई।

जीआईएस तकनीक से होगी जमीन की जांच
नई व्यवस्था में भूमि खरीदने से पहले जीआईएस तकनीक और ऑनलाइन सत्यापन के जरिए जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी। इससे फर्जीवाड़े और विवादों पर रोक लगेगी तथा खरीदारों के हित सुरक्षित रहेंगे।
अब रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज आवेदकों को व्हाट्सएप और ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल बन जाएगी।
भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपरलेस निबंधन प्रणाली से कागजी कार्रवाई कम होगी, कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर खत्म होंगे और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। इससे भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निबंधन कार्यालयों में नागरिकों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
15 जुलाई से शुरू होंगे 213 नए डिग्री कॉलेज
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 जुलाई से बिहार के विभिन्न प्रखंडों में 213 नए डिग्री कॉलेज शुरू किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा की पहुंच और मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि हर महीने की 10 तारीख को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लगभग एक करोड़ लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 1100 रुपये भेजे जा रहे हैं, जिससे बुजुर्गों और जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

वैशाली की ऐतिहासिक धरती को किया नमन
मुख्यमंत्री ने वैशाली को लोकतंत्र की जननी बताते हुए भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और दिवंगत नेता रामविलास पासवान को याद किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से बिहार को समृद्ध और विकसित राज्य बनाना है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री मदन सहनी, मंत्री संजय कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रमुख बातें
- बिहार में डिजिटल होम रजिस्ट्री सिस्टम लॉन्च।
- 75 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा।
- जीआईएस आधारित भूमि सत्यापन से फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक।
- व्हाट्सएप और ई-मेल पर मिलेंगे रजिस्ट्री दस्तावेज।
- पूरी प्रक्रिया होगी पेपरलेस और ऑनलाइन।
- 15 जुलाई से 213 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत।
