बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर स्पष्ट किया है कि बिहार के किसी भी जिले में खाद की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों की जरूरत के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडार उपलब्ध है और सभी जिलों में नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही चेतावनी दी कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी या निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर उर्वरकों की कमी संबंधी खबरों के बीच कृषि मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य में उपलब्ध उर्वरकों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि किसानों की मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी का भंडार उपलब्ध है तथा सभी जिलों में नियमित आपूर्ति जारी है।
कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि खाद खरीदते समय रसीद अवश्य लें। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलता है या उर्वरक की गुणवत्ता में गड़बड़ी करता है, तो इसकी सूचना तत्काल जिला कृषि पदाधिकारी कार्यालय, कृषि विभाग के हेल्पलाइन नंबर 0612-2233555 अथवा व्हाट्सऐप नंबर 7766085888 पर दें। उन्होंने कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सीमावर्ती जिलों के जिला कृषि पदाधिकारियों को विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, ताकि उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अंतर्राज्यीय अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
कृषि मंत्री ने कहा कि खरीफ मौसम 2026 के दौरान किसानों को समय पर, पर्याप्त मात्रा में और निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों से सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक और अपुष्ट खबरों से बचने की भी अपील की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उर्वरक की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर राज्य, जिला और प्रखंड स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने दोहराया कि किसान का हक छीनने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा।
राज्य में उपलब्ध उर्वरक भंडार (10 जुलाई 2026 तक)
- यूरिया: 4.33 लाख मीट्रिक टन
- डीएपी: 1.43 लाख मीट्रिक टन
- एनपीके: 2.52 लाख मीट्रिक टन
- एमओपी: 0.69 लाख मीट्रिक टन
- एसएसपी: 1.26 लाख मीट्रिक टन
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उर्वरक वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसानों से प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर कृषि, पारदर्शी व्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने के लिए समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
