बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि राज्य सरकार विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को अधिकतम लाभ मिल सके।
सोमवार को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपीसी) के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने पीएमश्री योजना और समग्र शिक्षा अभियान सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
20 जुलाई तक तैयार होंगे मॉडल स्कूल
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित किए जा रहे मॉडल स्कूलों में रंगरोगन, बिजली, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े सभी कार्य 20 जुलाई तक पूरे कर लिए जाएंगे। मंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।
8,700 विद्यार्थी और शिक्षक लेंगे AI प्रशिक्षण
समीक्षा बैठक में बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत चयनित 8,700 विद्यार्थी और शिक्षक चरणबद्ध तरीके से गुजरात के गांधीनगर भेजे जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई तकनीकों से विद्यार्थियों को जोड़ना समय की आवश्यकता है और इससे उनके कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी।
सिमुलतला आवासीय विद्यालय के कायाकल्प पर जोर
बैठक में सिमुलतला आवासीय विद्यालय के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। मिथिलेश तिवारी ने बताया कि 3 अगस्त के बाद सिमुलतला सोसाइटी बोर्ड की बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय में सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी को प्राचार्य नियुक्त करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

ICT लैब और स्मार्ट क्लास का कार्य तेज
अधिकारियों ने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा से संबंधित अधिकांश लक्ष्य हासिल कर लिए गए हैं। पीएमश्री योजना के तहत आईसीटी लैब की स्थापना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं स्कूलों में स्मार्ट क्लास के लिए आवश्यक सामग्री की आपूर्ति भी कर दी गई है। पीसीबी लैब की स्थापना के लिए एजेंसी का चयन हो चुका है और जल्द ही काम शुरू होगा।
अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई
शिक्षण सामग्री की आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी एजेंसियों और आपूर्तिकर्ताओं के साथ बैठक कर आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की जाए। उन्होंने प्रभावी चेक एंड बैलेंस प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही राज्य परियोजना निदेशक को तीसरे पक्ष से जांच कराने का भी निर्देश दिया।
गुणवत्तापूर्ण कार्य पर दिया जोर
मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कम समय में अधिक और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग को बेहतर परिणामों के साथ नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम (BSEIDC) की प्रबंध निदेशक, राज्य परियोजना निदेशक और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
