बिहार में उद्योगों को गति देने और उद्यमियों के सामने आ रही चुनौतियों के समाधान के उद्देश्य से बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मगध इंडस्ट्री एसोसिएशन, गया जिला उद्योग संघ, वस्त्र उद्योग बुनकर सेवा समिति और मगध बुनकर संघ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, बिहार लघु उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने बैंक ऋण स्वीकृति में देरी, उत्पादों के विपणन और बाजार की कमी, तकनीकी एवं प्रबंधन कौशल के अभाव, वित्तीय साक्षरता की कमी तथा उद्यमों की दीर्घकालिक स्थिरता जैसी प्रमुख चुनौतियों को उद्योग मंत्री और विभागीय अधिकारियों के सामने रखा।
सरकार ने बताए समाधान
बैठक में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने इन समस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि:
- प्रत्येक जिले में लोन शिविर आयोजित कर बैंक ऋण प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
- उत्पादों की बिक्री और विपणन को मजबूत करने के लिए बिहार राज्य मार्केटिंग अथॉरिटी का गठन किया जा रहा है।
- भारत सरकार की RAMP योजना के तहत MSME केंद्र स्थापित कर उद्यमियों को वित्तीय साक्षरता और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

गया के उद्योगों के विकास पर विशेष जोर
बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गया जिले से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए। उन्होंने उद्योग मंत्री से GI टैग प्राप्त पथरकट्टी कारीगरों की समस्याओं के समाधान, शादीपुर स्थित बियाडा की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने, धनामा गांव के लगभग 50 उद्योगों के लिए आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, बोधगया बियाडा क्षेत्र के विस्तार, मानपुर औद्योगिक क्षेत्र के विकास और गया के प्रसिद्ध तिलकुट को GI टैग दिलाने की दिशा में कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
इसके अलावा, गया-डोभी औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डॉ. प्रेम कुमार ने सुझाव दिया कि इस परियोजना में स्थानीय उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाए ताकि क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके।
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने बैठक में दिए गए सभी सुझावों और प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि उद्यमियों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है और उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
