डुप्लीकेट चाबी से घर में दाखिल हुए हत्यारे, पुलिस के मुताबिक हत्या को हार्ट अटैक का रूप देने की थी साजिश; पूर्व नौकर और उसके साथी की गिरफ्तारी के बाद बहू तक पहुंची जांच
कानपुर। कानपुर के कल्याणपुर इलाके में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कहते हैं कि लालच की हवस जब सिर चढ़कर बोलती है, तो इंसान रिश्तों की मर्यादा भूल जाता है। ऐसा ही एक खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला कानपुर के कल्यानपुर इलाके से सामने आया है, जहाँ एक आलीशान अपार्टमेंट के भीतर रिश्तों का ऐसा निर्मम कत्ल हुआ जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए। जिस ससुर के कत्ल के बाद बहू ज़मीन पर पटक-पटक कर फूट-फूटकर रो रही थी, पुलिस की परत-दर-परत तफ़्तीश में उसी बहू का चेहरा इस खौफनाक साजिश की मुख्य मास्टरमाइंड के रूप में बेनकाब हुआ।
वो काली रात और डुप्लीकेट चाबी की साज़िश
कानपुर के नामी दवा कारोबारी विनीत मिनोचा अपने अपार्टमेंट के फ्लैट में खून से लथपथ हालत में मिले थे। शुरुआत में मामला किसी अनजान लुटेरे की करतूत लग रहा था। घटना वाली रात कारोबारी के बेटे सुब्रत, बहू शालू और पोते के घर से बाहर जाते ही हत्यारों ने दस्तक दी। पुलिस की तफ़्तीश के मुताबिक, आरोपियों ने फ्लैट के भीतर दाखिल होने के लिए 15 दिन पहले ही बनवाई गई डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल किया था। लगभग सवा घंटे तक हत्यारे बेडरूम में छिपे रहे और जैसे ही विनीत मिनोचा घर लौटे, उन पर हमला कर दिया गया।
‘हार्ट अटैक’ का प्लान
पुलिस की पूछताछ और आरोपियों के कबूलनामे के अनुसार, यह कोई अचानक हुआ अपराध नहीं था, बल्कि बेहद ठंडे दिमाग से तैयार किया गया खौफनाक खाका था। पुलिस जांच के मुताबिक बहू शालू ने परिवार के ही एक पुराने निष्कासित नौकर विशाल को ससुर के कत्ल के लिए 6 लाख रुपये की सुपारी दी थी। हत्यारों का इरादा कारोबारी को नींद में ही तकिए से मुंह दबाकर मारने का था, ताकि हत्या को स्वाभाविक ‘हार्ट अटैक’ का रूप दिया जा सके। लेकिन जैसे ही कारोबारी ने कमरे की लाइट जलाई और हत्यारों को पहचान लिया, बदमाशों ने चाकू से गोदकर उनकी हत्या कर दी। इसके अलावा पुलिस जांच में एक और दिल दहला देने वाली बात सामने आई कि आरोपियों को सख्त हिदायत दी गई थी कि अगर वे पकड़े जाएं, तो सारा इल्ज़ाम कारोबारी के बेटे यानी शालू के अपने ही पति पर डाल दें।
घड़ियाली आँसू और पुलिस का शक
वारदात के बाद जब बेटा-बहू घर लौटे, तो रोने-धोने का ऐसा ड्रामा रचा गया मानो पूरा पहाड़ उन्हीं पर टूट पड़ा हो। लेकिन कानपुर पुलिस ने जब जांच की कड़ियां जोड़ीं, तो कई बातें खटकने लगीं। घर से कोई भी कीमती जेवर या नकदी गायब नहीं थी और दरवाजे के ताले के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी, जिससे साफ था कि किसी ने डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल किया है। इसके बाद जब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पुराने नौकर विशाल और उसके साथी को दबोचा, तो पूरी परतें खुलती चली गईं।
संपत्ति के लालच में रिश्तों का खून
पुलिस की तफ़्तीश और पूछताछ के आधार पर विनीत मिनोचा हत्याकांड के पीछे संपत्ति का लालच और पारिवारिक अनबन मुख्य वजह बनकर सामने आई है। लगभग 45 सालों से दवा कारोबार से जुड़े विनीत मिनोचा करोड़ों की संपत्ति के मालिक थे। बहू को लगता था कि ससुर की बंदिशें और संपत्ति पर उनका एकाधिकार उसके और उसके सपनों के बीच रोड़ा अटका रहा है। इसी लालच और नफरत में अंधी होकर उसने उस हाथ को काट डाला, जिसने उसे अपने घर की बहू बनाया था। फिलहाल, पुलिस ने साजिशकर्ता बहू और दोनों भाड़े के कातिलों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह मामला एक सबक है कि जब दिलों में लालच का ज़हर भर जाता है, तो सबसे सुरक्षित समझा जाने वाला ‘घर’ भी अपनों के लिए ही नरक बन जाता है।
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