नई दिल्ली। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने रेलवे टेंडर मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। स्पेशल जज विशाल गोगने ने आरोप तय करने का आदेश दिया है। वहीं, कोर्ट ने सात आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया है।
कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। यह मामला उस कथित रेलवे टेंडर अनियमितता से जुड़ा है, जिसमें लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रांची और पुरी स्थित रेलवे के दो होटलों के संचालन और रखरखाव के टेंडर से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।
इन नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय
कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के अलावा LARA Projects LLP, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, सुजाता होटल्स, विनय कोचर और विजय कोचर के खिलाफ भी आरोप तय किए हैं।
इस मामले में ईडी ने कुल 16 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। फरवरी 2026 में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय करने के आदेश पर फैसला सुरक्षित रखा था।
सात आरोपियों को कोर्ट से राहत
कोर्ट ने राहुल यादव, गौरव गुप्ता, नाथ मल कंकर्निया, विजय त्रिपाठी, डीएन तुलस्यान, राजीव रेलान और अभिषेक फाइनेंस को बरी करने का आदेश दिया है।
इस तरह कुल 16 आरोपियों में से नौ के खिलाफ आरोप तय हुए हैं, जबकि सात आरोपियों को मामले से राहत मिली है।
क्या है रेलवे टेंडर मामला?
यह मनी लॉन्ड्रिंग केस CBI की ओर से दर्ज किए गए IRCTC होटल टेंडर मामले से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान रेलवे के रांची और पुरी स्थित दो होटलों को IRCTC को ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद इनके संचालन, रखरखाव और देखभाल के लिए टेंडर जारी किए गए।
CBI का आरोप रहा है कि टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर अनियमितता की गई और दोनों होटलों का ठेका सुजाता होटल्स को दिया गया। सुजाता होटल्स कोचर बंधुओं से जुड़ी कंपनी बताई गई है।
ED ने 2018 में दाखिल की थी चार्जशीट
ईडी ने इस मामले में 17 सितंबर 2018 को दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की थी। ईडी का मामला CBI की ओर से दर्ज मूल मामले से जुड़ा हुआ है। फरवरी 2026 में जब कोर्ट ने आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित रखा था, तब जांच एजेंसी ने अदालत के सामने आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सामग्री होने का दावा किया था।
पहले CBI मामले में भी तय हो चुके हैं आरोप
इस मामले से जुड़े CBI के भ्रष्टाचार केस में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2025 को लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। उस मामले में आरोपों में आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी समेत भ्रष्टाचार से जुड़े प्रावधान शामिल थे। तीनों ने आरोपों से इनकार किया था।
नोट: आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं है। मामले में आरोपियों को अदालत में अपना पक्ष रखने और मुकदमे का सामना करने का अधिकार है।
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