पटना। बिहार में रूफटॉप सोलर एनर्जी को अब सिर्फ बिजली का खर्च घटाने के साधन के तौर पर नहीं, बल्कि रोजगार और सतत विकास से जोड़ने की पहल के रूप में भी आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है। पटना में आयोजित ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सम्मान समारोह’ में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि ग्रीन एनर्जी, रोजगार और सतत विकास बिहार के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम का आयोजन एल्विन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से किया गया। कंपनी ने बिहार में 10 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य बताया है। कंपनी का दावा है कि इस विस्तार से राज्य में करीब 20 हजार रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
केंद्र सरकार की PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana का आधिकारिक लक्ष्य देश में एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना है। योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को अधिकतम ₹78,000 तक की केंद्रीय वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
सोलर एनर्जी पैनल से आगे रोजगार पर फोकस
कार्यक्रम में राम कृपाल यादव ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के साथ यदि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हों तो इसका सीधा लाभ आम लोगों और युवाओं तक पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी पहलों का स्वागत करती है, जो बिहार में हरित ऊर्जा के विस्तार के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दें। उनके मुताबिक, ग्रीन एनर्जी, रोजगार और सतत विकास राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
बिहार में 10 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का कंपनी का लक्ष्य
एल्विन एनर्जी के अनुसार, कंपनी बिहार में 10 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी का दावा है कि इस लक्ष्य के साथ राज्य में लगभग 20 हजार रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
यह आंकड़ा कंपनी की ओर से बताया गया अनुमान है। इसके वास्तविक रोजगार प्रभाव का दारोमदार सिस्टम की स्थापना, सर्विसिंग, तकनीकी प्रशिक्षण, बिक्री और स्थानीय स्तर पर बनने वाले सप्लाई नेटवर्क पर होगा।
3 किलोवाट सिस्टम पर कितनी सहायता की बात?

कार्यक्रम में 3 किलोवाट रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए प्रस्तावित वित्तीय व्यवस्था की भी जानकारी दी गई। कंपनी के अनुसार, पात्र उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से ₹78 हजार और बिहार सरकार की ओर से ₹20 हजार की सहायता के साथ बैंक ऋण के जरिए ₹1.02 लाख की राशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव बताया गया।
कंपनी ने करीब ₹23 हजार के उपभोक्ता योगदान को रीबेट के रूप में माफ करने की भी बात कही है।
यहां एक सावधानी जरूरी है: केंद्र की ₹78,000 तक की केंद्रीय सहायता PM Surya Ghar योजना के आधिकारिक प्रावधान से मेल खाती है। लेकिन बिहार की ₹20,000 सहायता और कंपनी द्वारा बताए गए ऋण/रीबेट मॉडल को खबर में कंपनी द्वारा बताई गई व्यवस्था के रूप में ही प्रकाशित करना बेहतर होगा, जब तक इसका स्वतंत्र सरकारी आदेश उपलब्ध न हो।
PM सूर्य घर योजना का राष्ट्रीय लक्ष्य क्या है?
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत केंद्र सरकार ने एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य रखा है। योजना का कुल वित्तीय परिव्यय ₹75,021 करोड़ है। पात्र घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पहले 2 किलोवाट तक 60 प्रतिशत और अतिरिक्त 1 किलोवाट क्षमता के लिए 40 प्रतिशत केंद्रीय वित्तीय सहायता का प्रावधान है; कुल केंद्रीय सहायता ₹78,000 तक सीमित है।
कंपनी का दावा- देशभर में एक लाख रोजगार का लक्ष्य
एल्विन एनर्जी ने कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर भी अपना विजन रखा। कंपनी के अनुसार, देशभर में एक करोड़ घरों तक रूफटॉप सोलर पहुंचाने और करीब एक लाख रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।
कंपनी ने बताया कि उसने अपनी यात्रा आंध्र प्रदेश के अमरावती से शुरू की और अब तेलंगाना तथा तमिलनाडु में भी विस्तार कर रही है।
असली चुनौती सिर्फ सोलर एनर्जी पैनल लगाना नहीं
रूफटॉप सोलर के विस्तार के साथ असली चुनौती इसकी स्थापना, तकनीकी गुणवत्ता, समय पर सब्सिडी, बैंक ऋण, सर्विसिंग और उपभोक्ताओं की जागरूकता से जुड़ी होगी।
केंद्र की योजना का उद्देश्य सिर्फ सौर क्षमता बढ़ाना नहीं, बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं को अपनी बिजली पैदा करने और अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में देने की सुविधा के जरिए लाभ पहुंचाना भी है।
बिहार में अगर 10 लाख रूफटॉप सिस्टम लगाने के लक्ष्य को बड़े पैमाने पर लागू किया जाता है, तो इसका असर बिजली खर्च के साथ-साथ इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और तकनीकी सेवाओं से जुड़े स्थानीय रोजगार पर भी पड़ सकता है। हालांकि रोजगार और वास्तविक बिजली बचत का प्रभाव लक्ष्य के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
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