बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने विदेशों में रोजगार के इच्छुक युवाओं के सुरक्षित और सुव्यवस्थित प्रवासन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पटना स्थित नियोजन भवन में प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण (PDOT) प्रशिक्षक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षकों को विदेश जाने वाले श्रमिकों को आवश्यक कानूनी, सामाजिक, सांस्कृतिक और सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के लिए प्रशिक्षित किया गया।
बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित निदेशालय, नियोजन एवं प्रशिक्षण तथा बिहार राज्य समुद्रपार नियोजन ब्यूरो द्वारा सोमवार को पटना के नियोजन भवन स्थित प्रतिबिंब सभागार में प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण (PDOT) प्रशिक्षक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता निदेशक-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बिहार राज्य समुद्रपार नियोजन ब्यूरो सुनील कुमार ने की। इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विदेशों में रोजगार के लिए जाने वाले कामगारों को सुरक्षित, व्यवस्थित और जागरूक प्रवास के लिए तैयार करने हेतु प्रशिक्षकों को आवश्यक कौशल और जानकारी प्रदान करना था।
अपने संबोधन में सुनील कुमार ने कहा कि बिहार सरकार की प्राथमिकता राज्य के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और पारदर्शी माध्यम से वैश्विक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राज्य के आर्थिक विकास में भी योगदान दे सकें।
उन्होंने बताया कि विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने वाली नियोक्ता एजेंसियों के साथ समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे युवाओं को विश्वसनीय और सुरक्षित रोजगार मिल सके।

कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षकों को प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण (PDOT) के उद्देश्य, विदेश जाने वाले श्रमिकों के अधिकार एवं दायित्व, कार्यस्थल की सुरक्षा, स्थानीय कानून, श्रम नियम, संस्कृति, सामाजिक परंपराएं तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की जानकारी दी गई।
इसके अलावा ई-माइग्रेंट पोर्टल, विदेश मंत्रालय की आधिकारिक प्रणाली, श्रमिक पंजीकरण, डेटा एंट्री, बैच मैनेजमेंट और भारतीय दूतावास से सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया पर भी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक (नियोजन) प्रियंका कुमारी, उप निदेशक श्याम प्रकाश शुक्ला, उप निदेशक अश्वजीत कुमार परासर, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी जिलों के नियोजन पदाधिकारी मौजूद रहे।
