दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट ने आज बीजेपी और आरएसएस के बारे में कथित अपमानजनक बयान के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर सुनवाई की। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वो कर्नाटक में दिए गए मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान संबंधी खबर का लिंक कोर्ट में दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी।
आज सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील गगन गगन गांधी ने दलीलें रखते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट के उस समन का जिक्र किया जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियांक खड़गे को आरएसएस के खिलाफ बयान देने के बाद समन जारी किया था। गगन गांधी ने कहा कि ये मामला भी आरएसएस के खिलाफ बयान देने का है, इसलिए इस मामले में भी एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी करने का आदेश दिया जाए।
इसके पहले की सुनवाई के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने दलीलें रखी थीं। उन्होंने कहा था कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज कर कानून सम्मत फैसला किया है। बता दें कि इसके पहले याचिकाकर्ता रविंद्र गुप्ता की ओर से पेश वकील गगन गांधी ने दलीलें रखी थी। उन्होंने कहा था कि याचिकाकर्ता आरएसएस का सदस्य होने के नाते याचिकाकर्ता मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों से आहत है। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे पर एफआआईआर दर्ज करने की मांग की। मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से 20 मार्च को जवाब दाखिल किया गया गया था। इस मामले में तीस हजारी कोर्ट के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खड़गे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को खारिज कर दिया था जिसके बाद याचिकाकर्ता रविंदर गुप्ता ने सेशंस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

कोर्ट ने 29 जनवरी को खड़गे को नोटिस जारी किया था। दरअसल 13 दिसंबर 2024 को तीस हजारी कोर्ट के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खड़गे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था। मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा के सांसद हैं इसलिए उनके खिलाफ अब राऊज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका आरएसएस के सदस्य रविंद्र गुप्ता ने दायर किया है। याचिका में कहा गया है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने 27 अप्रैल 2023 को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और आरएसएस के बारे में अपमानजनक बयान दिए। याचिका में कहा गया है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। बाद में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन्होंने जो बयान दिया था वो प्रधानमंत्री के खिलाफ नहीं बल्कि आरएसएस और बीजेपी के खिलाफ लगाया था।
याचिकाकर्ता की ओर से वकील गगन गांधी ने कहा कि आरएसएस के सदस्य होने के नाते याचिकाकर्ता मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों से आहत है। इस मामले में कोर्ट ने सब्जी मंडी पुलिस थाने को एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। सब्जी मंडी थाने की पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बयान कर्नाटक में दिए गए हैं और वो सब्जी मंडी थाने के क्षेत्राधिकार में नहीं आता है।
