अगर आपका सपना दक्षिण कोरिया, जापान, जर्मनी या किसी अन्य देश में नौकरी करने का है, तो बिहार सरकार आपके लिए एक बड़ा मौका लेकर आई है। अब बिहार के युवा पूरी तरह मुफ्त में कोरियन सहित छह विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण लेकर अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और विदेशी विश्वविद्यालयों तक अपनी पहुंच बना सकते हैं। विश्व युवा कौशल दिवस के मौके पर शुरू हुई यह पहल आने वाले वर्षों में हजारों युवाओं के करियर की दिशा बदल सकती है।
विदेश में नौकरी या उच्च शिक्षा का सपना देखने वाले बिहार के युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) ने युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विश्व युवा कौशल दिवस 2026 के अवसर पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), पटना सिटी में कोरियन भाषा प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया।
इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि विदेशी भाषा का पूरा प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क दिया जाएगा। इसका लाभ स्नातक, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग और नर्सिंग के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ विदेश में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवा भी उठा सकेंगे।
चार महीने में TOPIK Level-3 की तैयारी
विभाग के सचिव डॉ. कौशल किशोर ने बताया कि आईटीआई गुलजारबाग में शुरू किए गए इस केंद्र पर चार माह का सुपर-इंटेंसिव कोरियन भाषा प्रशिक्षण (TOPIK Level-3) कराया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को भाषा दक्ष बनाकर दक्षिण कोरिया सहित अन्य देशों में रोजगार और उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि आज केवल डिग्री हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं है। नौकरी पाने के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ भाषा कौशल, सॉफ्ट स्किल्स, व्यक्तित्व विकास और प्रभावी संवाद क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।
मुफ्त में सीख सकते हैं 6 विदेशी भाषाएं
बिहार कौशल विकास मिशन पहले से ही पटना स्थित दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में आधुनिक लैंग्वेज लैब के माध्यम से विदेशी भाषा प्रशिक्षण चला रहा है। यहां युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है-
- 🇰🇷 Korean (TOPIK)
- 🇯🇵 Japanese (JLPT N4/N5)
- 🇩🇪 German (CEFR B1)
- 🇫🇷 French (CEFR B1)
- 🇪🇸 Spanish (CEFR B1)
- 🇬🇧 English (IELTS/CEFR B1)
यह प्रशिक्षण ऑफलाइन और डिजिटल लैंग्वेज लैब दोनों माध्यमों से कराया जाता है।
किन क्षेत्रों में मिलेगा फायदा?
विदेशी भाषा सीखने वाले युवाओं के लिए कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिनमें शामिल हैं-
- इलेक्ट्रॉनिक्स
- ऑटोमोबाइल
- हॉस्पिटैलिटी
- हेल्थकेयर
- विदेश में उच्च शिक्षा
- दक्षिण कोरिया सहित कई देशों की कंपनियों में रोजगार
हर जिले तक पहुंचेगी योजना
सरकार अब इस पहल का विस्तार करते हुए राज्य के सभी जिलों में विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य बिहार के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाना और उन्हें बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध कराना है।

सचिव डॉ. कौशल किशोर ने क्या कहा?
डॉ. कौशल किशोर ने कहा कि इंटरव्यू में केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि उम्मीदवार का व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, व्यवहार और संवाद शैली भी सफलता तय करते हैं। इसलिए युवाओं को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ विदेशी भाषाओं और सॉफ्ट स्किल्स पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दस वर्षों में विदेशी भाषा जानने वाले बिहार के युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे।
Freelancer Post Analysis
यह सिर्फ भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार के युवाओं को लोकल से ग्लोबल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आज दुनिया भर में कुशल तकनीकी कर्मचारियों की मांग लगातार बढ़ रही है। यदि युवा अपनी तकनीकी योग्यता के साथ विदेशी भाषा भी सीख लेते हैं, तो उनके लिए दक्षिण कोरिया, जापान, जर्मनी और यूरोप के अन्य देशों में रोजगार की संभावनाएं कई गुना बढ़ सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह मुफ्त है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को भी अंतरराष्ट्रीय अवसरों तक पहुंच बनाने का समान अवसर मिलेगा।
