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Our Authors
समाचार संपादक, जो निष्पक्ष, सटीक और विश्वसनीय समाचारों के संपादन एवं प्रकाशन के लिए समर्पित हैं। पाठकों तक तेज़ और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना हमारा उद्देश्य है।239 Articles
करीब 16 साल तक पत्रकारिता करने के बाद 2015 से वकालत के पेशे में हैं। पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली से की। फिर हैदराबाद और बाद में दिल्ली। 2015 में जब लगा कि अब कारोबारी मीडिया में एक पंक्ति की खबर भी निष्पक्ष रुप से नहीं लिख सकता तो पेशा बदलने का फैसला किया और दिल्ली में ही वकालत के पेशे से जुड़ गया। वकालत का पेशा शुरु किया तो लगा कि और पहले शुरु करना चाहिए था। इस दौरान कई मीडियाकर्मियों और दूसरे पीड़ितों को न्याय दिलाने की कोशिश की और कामयाबी भी हासिल की। दिल्ली में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को काफी नजदीक से देखा और समझा। अब तो यही ठिकाना हो गया है। पत्रकार मित्र अभी भी अदालती खबरों के लिए संपर्क करते हैं।50 Articles
राजकुमार यादव पिछले तीन दशक से मीडिया में सक्रिय हैं। इस दौरान इन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित अखबारों में वरिष्ठ पत्रकार के तौर पर काम कर चुके हैं। बिहार की राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले राजकुमार यादव को लालू यादव और नीतिश कुमार व्यक्तिगत तौर पर जानते हैं। फिलहाल वे freelancerpost.com में प्रमुख संवाददाता के तौर पर कार्यरत हैं।23 Articles
मैं पढ़ाई के दौरान ही अखबारों में लिखने लगा था। मास कम्युनिकेशन का कोर्स करने के दौरान हमारी दिलचस्पी पढ़ाई से ज्यादा रिपोर्टिंग करने में होती थी। पिछले 22 सालों में प्रतिष्ठित अखबार जनसत्ता समेत देश के कई राष्ट्रीय न्यूज चैनलों में जिम्मेदार पदों पर काम किया। डेस्क के साथ-साथ रिपोर्टिंग और चैनल के ऑपरेशन का गुर बारीकी से सिखा। पिछले कुछ सालों से डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहा हूं। फिलहाल Freelancerpost.com की जिम्मेदारी संभाल रहा हूं।8 Articles
जहाँ हर खबर एक ज़िम्मेदारी है, और हर शब्द एक वचन। 25 सालों से अधिक के सफर में मैंने टीवी और प्रिंट मीडिया के हर पड़ाव को अपनी नज़रों से देखा, अनुभव किया और उसके माध्यम से समाज के सामने सच को रखा। NEWS18 उत्तराखंड में स्टेट हेड/ असाइनमेंट एडीटर रहते हुए मैं न केवल ख़बरों की निगरानी करता रहा, बल्कि हर मुश्किल घड़ी में, चाहे वह चुनावी घमासान हो या हिमालयी आपदा, सीधे मैदान में उतरकर रिपोर्टिंग करता रहा। सहारा टीवी, ETV, ZEE NEWS, जैन टीवी - हर मंच पर मैंने कंटेंट की आत्मा को समझते हुए समाज के उन मुद्दों को उठाया जिन पर अक्सर चुप्पी छाई रहती है। ईटीवी उर्दू के लिए 'हमारे मसाइल', 'गुफ्तगू', और 'कुछ लम्हें फुर्सत के' जैसे कार्यक्रमों के ज़रिए मैंने केवल बातें नहीं कीं, संवाद रचे। मेरे लिए पत्रकारिता महज़ सूचना देने का माध्यम नहीं, वह समाज की नब्ज़ है। और इस नब्ज़ को पकड़ने की कला मैंने अपने अनुभव, अध्ययन और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से मिले ज्ञान से सीखी है। आज भी जब मैं कैमरे के पीछे या कलम के सामने होता हूँ, तो मन में केवल एक विचार होता है - "जो कहूँ, वह सत्य हो। और जो सत्य हो, वह समाज के काम आए।" यह मेरी यात्रा है, जो एक पत्रकार तक सीमित नहीं, एक ज़िम्मेदार नागरिक की जो संवाद को ही बदलाव का सबसे बड़ा साधन मानता है।2 Articles
लाल मोहन महाराज मुंगेर प्रमंडल के चर्चित क्राइम रिपोर्टर हैं। वे पिछले तीन दशक से इस प्रमंडल में क्राइम न्यूज कवर कर रहे हैं। क्राइम के अलावा ये राजनीति और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। कई समाचार पत्रों में व्यूरो प्रमुख के पद पर काम कर चुके लाल मोहन महाराज भारतीय पत्रकार संघ ए.आई. जे के प्रदेश अध्यक्ष भी है।2 Articles
मनोज कुमार को पत्रकारिता में दो दशक से अधिक का अनुभव है. पत्रकारिता करियर की शुरुआत इन्होंने टीवी न्यूज चैनलों में कॉपी एडिटर के रूप में की। टीवी न्यूज में कई क्षेत्रीय समाचार चैनलों और राष्ट्रीय चैनलों में करीब 15 साल काम करने के बाद यह डिजिटल मीडिया में शिफ्ट हो गए और राष्ट्रीय महत्व की खबरों से लेकर क्षेत्रीय, फैशन, फिल्म, लाइफ स्टाइल आदि विषयों पर लेखन और संपादन का कार्य लगातार कर रहे हैं।1 Articles
योग चैतन्या पिछले कई सालों से मीडिया से जुड़े हैं। मुंगेर के धरहरा प्रखंड में होम्योपैथिक प्रैक्टिशनर है, इसके साथ ही साथ मीडिया में गहरी रुचि रखते हैं। इलाके में होने वाली घटनाओं पर इनकी पैनी नजर होती है।1 Articles