छात्र आंदोलनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि युवाओं के साथ केवल सख्ती नहीं, बल्कि संवाद और काउंसलिंग जरूरी है। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यदि कुछ युवा पत्थरबाजी जैसी घटनाओं में शामिल हों, तब भी प्रशासन को पहले उन्हें समझने का प्रयास करना चाहिए।