सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय में हनीमून मर्डर मामले में अपने पति की हत्या के आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दिया है। जस्टिस मनोज मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने मेघालय सरकार से कहा कि सोनम रघुवंशी को उपलब्ध कराई गई गिरफ्तार करने की वजह बताने वाली कथित प्रति कोर्ट में दाखिल करें।
याचिका मेघायल सरकार ने दायर किया है। याचिका में सोनम रघुवंशी को ट्रायल कोर्ट से मिली जमानत को हाईकोर्ट द्वारा बरकरार रखने के आदेश को चुनौती दी गई है। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि महिला को रिहा कर दिया गया है इसलिए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक नहीं लगा रहे हैं, लेकिन महिला को नोटिस जारी कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर आपत्ति जताई थी कि हाईकोर्ट ने सिर्फ इस आधार पर जमानत के आदेश को बरकरार रखा कि अरेस्ट मेमो में संबंधित धारा में त्रुटि थी।
सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि हाईकोर्ट ने जमानत को बरकरार रखकर कानूनन गलती की है। मेहता ने कहा था कि सोनम रघुवंशी और उसका पति मेघायल में हनीमून के लिए गया था। वहां पूरी योजना के तहत पति की हत्या कर दी गई। सोनम रघुवंशी ने अपने पति की हत्या घाटी में की और उसके शव को खाई गिरा दिया। इस मामले में तीन सहयोगी थे। हत्या कर सोनम रघुवंशी भाग गई और उसे यूपी से गिरफ्तार किया गया। मेहता ने कहा था कि हाईकोर्ट ने जिस वजह से जमानत दी वो एक टाईपिंग की गलती थी। उन्होंने कहा था कि कि सोनम रघुवंशी के भागने का खतरा है।
