कौशांबी। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के खिलाफ कौशांबी कांग्रेस ने कार्रवाई की मांग की है। पिछले दिनों उन्नाव में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान बजने के समय विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के कार्यक्रम स्थल से कथित तौर पर चले जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक कौशांबी को लिखित शिकायत (तहरीर) सौंपकर विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लगाए आरोप
इस मौके पर कौशांबी कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव पाण्डेय ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता अब जान चुकी है कि भाजपाइयों को देश से कितना प्रेम है। उन्होंने कहा कि हर बात पर राष्ट्रवाद का प्रमाण पत्र बांटने वाली भारतीय जनता पार्टी अब अपने ही नेता के इस आचरण पर क्या सफाई देगी।
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जिलाध्यक्ष गौरव पाण्डेय ने कहा कि इस घटना को लेकर भाजपा और विधानसभा अध्यक्ष को सार्वजनिक तौर पर खेद जताते हुए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेसजनों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के माध्यम से पुलिस अधीक्षक कौशांबी को लिखित शिकायत दी है और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा, “देश के सम्मान में हमारी कांग्रेस पार्टी हमेशा पहली पंक्ति में खड़ी मिलेगी।”
दूसरी ओर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पर निशाना साधते हुए समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि यह उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष का राष्ट्रगान के प्रति अनादर देखिए, मोदी-योगी बताएं कि क्या कार्रवाई कर रहे हैं अपने विधानसभा अध्यक्ष पर।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव में उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रांतीय अधिवेशन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ स्थल से राष्ट्रगान बजने के दौरान अपनी कार की ओर चले जाने का कथित वीडियो सामने आया था। इस वीडियो को लेकर विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं।
हालांकि, इस विवाद पर सफाई देते हुए सतीश महाना ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से कहा कि वायरल वीडियो को गलत और भ्रामक संदर्भ में पेश किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर उन्हें पुलिस द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया जा रहा था, वह स्थान अलग था और राष्ट्रगान ऑडिटोरियम/प्रेक्षागृह के भीतर बज रहा था। उनके मुताबिक, उस समय वह वहां मौजूद नहीं थे।
सतीश महाना ने यह भी कहा कि नियम के तहत गार्ड ऑफ ऑनर के समय राष्ट्रगान नहीं बजता है। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों का हमेशा पूरी निष्ठा से सम्मान करते हैं।
फिलहाल कांग्रेस की ओर से पुलिस अधीक्षक कौशांबी को दी गई शिकायत के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर निगाहें बनी हुई हैं।
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