5,585 आवेदनों में से हुआ चयन, तीन नए ट्रस्टियों की भी नियुक्ति; मंदिर प्रबंधन को पेशेवर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
भारतीय वायुसेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एवं पश्चिमी वायु कमान के पूर्व चीफ, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। अयोध्या में आयोजित ट्रस्ट की अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस पद के लिए देशभर से 5,500 से अधिक आवेदनों की बारीकी से जांच के बाद तीन शीर्ष अधिकारियों का चयन किया गया था, जिनमें से एयर मार्शल (रि.) जितेंद्र मिश्रा के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगी। जिम्मेदारी मिलने के बाद रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने चयन समिति और प्रभु श्रीराम का आभार जताते हुए कहा कि मैं राममंदिर के लिए बेहतर काम करने की कोशिश करूंगा.
38 वर्षों का सैन्य अनुभव और असाधारण ट्रैक रिकॉर्ड
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा लगभग 38 वर्षों तक भारतीय वायुसेना में अग्रिम मोर्चे पर सेवाएं दे चुके हैं। मिराज-2000 और मिग-21 जैसे लड़ाकू विमानों से लेकर 18 से अधिक श्रेणी के विमानों को उड़ाने का 3,000 घंटे से अधिक का अनुभव रखने वाले मिश्रा कारगिल युद्ध और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अपनी अहम भूमिका के लिए जाने जाते हैं। उनकी उत्कृष्ट और शौर्यपूर्ण सेवाओं के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) जैसे शीर्ष सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

CEO के रूप में संभालेंगे ये मुख्य जिम्मेदारियां
राम मंदिर परिसर के लगातार विस्तार और प्रतिदिन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए ट्रस्ट ने कॉरपोरेट और सैन्य स्तर के पेशेवर प्रबंधन की आवश्यकता महसूस की थी। CEO के रूप में जितेंद्र मिश्रा निम्नलिखित प्रमुख दायित्व संभालेंगे:
- सुरक्षा एवं लॉजिस्टिक्स: श्रद्धालुओं की कतार प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और परिसर के दैनिक संचालन का समन्वय।
- वित्तीय एवं प्रशासनिक पारदर्शिता: मंदिर ट्रस्ट के दान प्रबंधन, कर्मचारियों के समन्वय और आंतरिक व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाना।
- विकास योजनाएं: भविष्य की परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू करना।
तीन नए ट्रस्टियों का भी हुआ चयन
बैठक के दौरान प्रशासनिक बदलावों के तहत तीन नए ट्रस्टियों को भी राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल किया गया है। दिल्ली के व्यवसायी महेश भागचंदका, राम जन्मभूमि मुकदमे की पैरवी करने वाले अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. निर्मला यादव को नया ट्रस्टी बनाया गया है। इसके साथ ही स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज को राम मंदिर ट्रस्ट का नया महासचिव नियुक्त किया गया है। अयोध्या को विश्व की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करने के संकल्प के साथ राम मंदिर ट्रस्ट ने अपने नियमों और विलेख (Trust Deed) में भी आवश्यक संशोधन किए हैं ताकि नए CEO को प्रशासनिक शक्तियां दी जा सकें।
जानिए कैसे हुआ राम मंदिर के पहले CEO का चयन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक ढांचे और वित्तीय प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाने के लिए भारतीय वायुसेना के पूर्व अधिकारी, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। बुधवार को अयोध्या में अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।

इस प्रतिष्ठित पद के लिए आए 5,585 आवेदनों में से पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्क्रीनिंग और 600 अंकों के विशेष मूल्यांकन ढांचे (Evaluation Matrix) के ज़रिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई। कई चरणों के टेस्ट, 108 आवेदकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और 16 शीर्ष उम्मीदवारों के अंतिम साक्षात्कार के बाद 38 वर्षों का सैन्य अनुभव रखने वाले कारगिल युद्ध के नायक जितेंद्र मिश्रा का चयन किया गया। हाल ही में दान-राशि में कथित गबन के आरोपों, पुलिस कार्रवाई और पूर्व पदाधिकारियों के इस्तीफों के बीच एक सख्त सैन्य पृष्ठभूमि वाले अधिकारी की यह नियुक्ति राम मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स को पेशेवर व विश्वसनीय दिशा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
राम मंदिर दान-राशि चोरी विवाद और कार्रवाई
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट हाल के दिनों में राम मंदिर ट्रस्ट में मिले दान और चंदा-राशि में हुई कथित गड़बड़ी व चोरी के मामलों को लेकर काफी चर्चा में रहा है। इस संवेदनशील प्रकरण में पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस वित्तीय अनियमतिता के विवाद और बढ़ते दबाव के बीच ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा तथा एक अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इस पूरे विवाद के बाद राम मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन ने व्यवस्थाओं में सुधार, पारदर्शिता लाने और लॉजिस्टिक्स को पेशेवर तरीके से संभालने के लिए प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए एक सख्त सैन्य पृष्ठभूमि वाले सेवानिवृत्त अधिकारी को मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है।
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