5.80 लाख शिक्षकों को व्यक्तिगत पत्र; दो महिला शिक्षकों को National Teachers Award-2026, राज्य शिक्षक सम्मान भी दिए गए
पटना। शिक्षक दिवस के मौके पर शनिवार को पटना के श्रीकृष्ण स्मारक भवन में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में शिक्षा, तकनीक और शिक्षक सम्मान से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले सामने आए। कार्यक्रम में बिहार सरकार ने शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के लिए Google India के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किया। इसका उद्देश्य शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की जानकारी और उसके व्यावहारिक इस्तेमाल के लिए सक्षम बनाना है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी मौजूद रहे। SCERT के निदेशक यतेंद्र कुमार पाल और Google India के Country Head संजय जैन ने MoU पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही राज्य के शिक्षकों के सम्मान, विद्यार्थियों के सांस्कृतिक कार्यक्रम और राष्ट्रीय स्तर पर बिहार की दो महिला शिक्षकों की उपलब्धि को भी कार्यक्रम में प्रमुखता मिली।
शिक्षकों को AI से जोड़ने के लिए Google India से समझौता
शिक्षा विभाग के अनुसार MoU के तहत शिक्षकों के बीच AI को लेकर ज्ञान और कौशल विकसित करने पर काम किया जाएगा। शिक्षक पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों में AI के उपयोग की संभावनाओं को समझ सकें, इसके लिए क्षमता निर्माण पर जोर रहेगा।
कार्यक्रम का लाइव प्रसारण कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों और उन माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में किया गया, जहां स्मार्ट क्लास या ICT लैब की सुविधा उपलब्ध है। विभाग के मुताबिक शिक्षक दिवस के मौके पर हजारों शिक्षक और विद्यार्थी इस प्रसारण से जुड़े।
शिक्षक दिवस पर 11 स्कूलों के करीब 400 बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति
शिक्षक दिवस कार्यक्रम के दूसरे सत्र में राजधानी के 11 विद्यालयों के करीब 400 बच्चों और शिक्षकों ने लगभग दो घंटे तक नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां दीं। इससे कार्यक्रम में शिक्षक सम्मान के साथ विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को भी मंच मिला।

शिक्षकों को बताया बिहार के भविष्य का निर्माता
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षक बिहार के स्वर्णिम भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने शिक्षकों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग काम कर रहा है और मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों को केवल विषय ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में भी काम करना चाहिए। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर समृद्ध बिहार और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास ज्ञान और शिक्षा की समृद्ध परंपरा से जुड़ा रहा है। शिक्षकों की भूमिका इस परंपरा को फिर मजबूत करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
5.80 लाख शिक्षकों को नाम के साथ भेजा गया व्यक्तिगत पत्र
शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य के करीब 5.80 लाख शिक्षकों को शिक्षा मंत्री की ओर से उनके नाम के साथ तीन पन्नों का व्यक्तिगत पत्र भी भेजा गया। पत्र में शिक्षक की भूमिका, उनके योगदान और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में उनकी जिम्मेदारी पर जोर दिया गया।
पत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदार व्यवहार विकसित करने का संदेश दिया गया। शिक्षकों ने इसे व्यक्तिगत सम्मान और प्रोत्साहन के रूप में देखा तथा शिक्षा विभाग की इस पहल के प्रति आभार जताया।
राज्य शिक्षक सम्मान से शिक्षकों का सम्मान
शिक्षक दिवस पर राज्यस्तरीय समारोह में राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों को सम्मानित किया गया। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया गया।
शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन ने अतिथियों का अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न और पौधा देकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में चयनित शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान प्रदान किया गया।
बिहार की दो महिला शिक्षकों को National Teachers Award-2026
बिहार की दो महिला शिक्षकों पुष्पा प्रसाद और खुशबू कुमारी को National Teachers Award-2026 के लिए चुना गया। दोनों को शिक्षक दिवस के मौके पर शनिवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया।
पुष्पा प्रसाद गोपालगंज के कुचायकोट स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय से जुड़ी हैं, जबकि खुशबू कुमारी बांका के बिदयाडीह स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका हैं। शिक्षा मंत्री ने दोनों शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह बिहार के लिए गौरव का विषय है और उनकी उपलब्धि दूसरे शिक्षकों के लिए प्रेरणा बनेगी।
समारोह का संदेश: तकनीक, गुणवत्ता और संस्कार पर जोर
शिक्षक दिवस के इस कार्यक्रम ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था के तीन प्रमुख पहलुओं को एक साथ सामने रखा-शिक्षकों का सम्मान, तकनीक के बदलते दौर के लिए उनकी क्षमता बढ़ाना और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर।
Google India के साथ AI को लेकर हुआ MoU इस दिशा में तकनीकी बदलाव का संकेत देता है, जबकि व्यक्तिगत पत्र और शिक्षक सम्मान कार्यक्रम शिक्षकों के योगदान को सार्वजनिक रूप से रेखांकित करते हैं।
राजकीय पुरस्कार से सम्मानित 37 शिक्षकों की पूरी सूची
- विप्लव कुमार — कटिहार
- प्रमिला कुमारी — भोजपुर
- राजकुमार प्र. गुप्ता — औरंगाबाद
- अपराजिता कुमारी — पटना
- उमाकान्त कुमार — बांका
- पुनीता कुमारी — गोपालगंज
- चंचला तिवारी — सारण
- मधु कुमारी — खगड़िया
- निवेदिता कुमारी — भागलपुर
- मो. नुरूल होदा — पूर्वी चम्पारण
- अजय कुमार पंडित — पूर्णिया
- बेबी अर्चना — अररिया
- शमा परवीन — सीतामढ़ी
- गुड्डी कुमारी — गया
- पुनीता कुमारी — सहरसा
- केशव कुमार — मुजफ्फरपुर
- वीनस दीक्षित — सीवान
- दुर्योधन बैठा — पश्चिमी चम्पारण
- कमलेश कुमार — रोहतास
- कुमार प्रशांत — दरभंगा
- निकिता भारती — नवादा
- सौरभ कुमार — नालंदा
- पंकज रंजन — अरवल
- शहजाद अनवर — किशनगंज
- सुमित कुमार — कैमूर
- किसलय प्रसाद — जमुई
- मुदित कुमार — मुंगेर
- आशा वर्मा — शेखपुरा
- उषा कुमारी — मधुबनी
- डॉ. नीलू रानी — मधेपुरा
- राज कुमार — लखीसराय
- पवन कुमार — जहानाबाद
- साक्षी सरला — वैशाली
- नरेश कुमार निराला — सुपौल
- राम नरेश राम — शिवहर
- प्रभा कुमारी — बेगूसराय
- राकेश कुमार — समस्तीपुर
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