वकील विमल त्यागी ने चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की बेंच के सामने की तत्काल सुनवाई की मांग; कोर्ट ने कहा- जनहित याचिका दाखिल कीजिए, बुधवार को अपने आप लिस्ट हो जाएगी
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी यानी DU के हर कॉलेज में हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग वाली याचिका पर मंगलवार को तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। वकील विमल त्यागी ने इस मामले को चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मेंशन करते हुए आज ही सुनवाई की मांग की थी।
कोर्ट ने कहा कि इस मामले में आज कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जा सकता। अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह जनहित याचिका (PIL) दाखिल करें। कोर्ट ने कहा कि बुधवार जनहित याचिकाओं की सुनवाई का दिन है, इसलिए याचिका दाखिल करने के बाद यह अपने आप बुधवार को लिस्ट हो जाएगी।
कोर्ट ने कहा- आप अपना समय बर्बाद कर रहे हैं
मामले की मेंशनिंग के दौरान कोर्ट ने सत्य निकेतन में PG की इमारत गिरने की घटना का भी जिक्र किया। अदालत ने कहा कि इस मामले पर 7 सितंबर को ही सुनवाई हो चुकी है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि अगर वह जनहित याचिका दाखिल करते हैं तो वह बुधवार को सूचीबद्ध हो जाएगी। अदालत ने यह भी पूछा कि क्या इस मामले में तत्काल कोई अंतरिम आदेश जारी किया जा सकता है।
कोर्ट ने कहा कि बुधवार को जनहित याचिकाओं की सुनवाई होती है और याचिका दाखिल करने के बाद इसे नियमानुसार सूचीबद्ध किया जा सकता है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद सामने आया हॉस्टल का मुद्दा
दिल्ली यूनिवर्सिटी के हर कॉलेज में हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग ऐसे समय सामने आई है, जब दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में PG की एक इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई।
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में छात्रों के लिए उपलब्ध PG और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली यूनिवर्सिटी और उसके आसपास के इलाकों में निजी PG और किराये के मकानों में रहते हैं।
7 सितंबर को हाईकोर्ट ने सत्य निकेतन हादसे पर की थी सुनवाई
इससे पहले 7 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के मामले की सुनवाई की थी। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को मामले की उच्च-स्तरीय जांच करने का निर्देश दिया था।
अदालत ने दिल्ली सरकार को राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने का निर्देश भी दिया था। हादसे में छात्रों के फंसे होने की सूचना के बाद बचाव अभियान चलाया गया था।
सत्य निकेतन में जिस इमारत में हादसा हुआ, उसमें Hostel Daze Boys PG चल रहा था। यह इलाका दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के नजदीक है और बड़ी संख्या में छात्र यहां रहते हैं।
अब बुधवार को होगी याचिका पर सुनवाई
DU के हर कॉलेज में हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग वाली याचिका पर अब बुधवार को सुनवाई होने की संभावना है। याचिकाकर्ता को अदालत ने जनहित याचिका दाखिल करने को कहा है।
इस मामले की अगली सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के सभी कॉलेजों में छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग पर हाईकोर्ट किस तरह आगे बढ़ता है।
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