जन सुराज प्रमुख ने NDA उम्मीदवारों को हराने की अपील की, अनंत सिंह की भूमिका और चुनाव आयोग की कार्यशैली पर भी उठाए सवाल
जमुई/बिहार। जन सुराज के संस्थापक PK ने प्रशांत किशोर जमुई में आयोजित एमएलसी चुनाव से जुड़े प्रबुद्ध संवाद कार्यक्रम में बिहार की एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार को बेलगाम और अहंकारी बताते हुए मतदाताओं से एनडीए उम्मीदवारों को हराने की अपील की। इस दौरान उन्होंने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी गतिविधियों, अनंत सिंह की भूमिका, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी और चुनाव आयोग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
‘सरकार बेलगाम और अहंकारी हो गई है’
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि बिहार सरकार में अहंकार बढ़ गया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह अहंकार की पराकाष्ठा है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए भगवान को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर घर दिलवाने वाली बात कही।
PK ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता और राजनीतिक पृष्ठभूमि पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं करते हैं, तो उन्हें इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार को हराना चाहिए।
उनका यह बयान बिहार की राजनीति में एनडीए और जन सुराज के बीच बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
पटना स्नातक चुनाव में अनंत सिंह को लेकर NDA पर निशाना
प्रशांत किशोर ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी समीकरणों पर चर्चा करते हुए अनंत सिंह की भूमिका को लेकर एनडीए पर निशाना साधा। उन्होंने अनुज सिंह और नीरज कुमार के बीच मुकाबले का जिक्र करते हुए दावा किया कि अनुज सिंह आगे हैं और उन्हें कई लोगों का समर्थन मिल रहा है। PK के मुताबिक, समर्थन देने वालों में अनंत सिंह भी शामिल हैं।
उन्होंने कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए दावा किया कि जदयू और भाजपा के कई नेता जन सुराज के उम्मीदवार की मदद कर रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती है।
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव समाप्ति की ओर है, लेकिन नीतीश कुमार ने एनडीए के किसी उम्मीदवार के समर्थन में एक शब्द तक नहीं बोला है।
राजनाथ सिंह के SIR बयान पर भी प्रतिक्रिया
प्रशांत किशोर ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के SIR संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि संवैधानिक संस्थाएं अपनी भूमिका ईमानदारी से नहीं निभाएंगी, तो विरोध-प्रदर्शन होंगे।
उन्होंने कहा कि मुद्दा केवल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले आठ से दस वर्षों में चुनाव आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। PK ने आरोप लगाया कि चुनाव संचालन के तरीके से ऐसा प्रतीत होता है कि आयोग सत्तारूढ़ भाजपा की मदद कर रहा है।
उन्होंने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव रविवार के बजाय शुक्रवार को कराए जाने पर भी सवाल उठाया। उनका दावा था कि इससे मुस्लिम मतदाताओं की भागीदारी प्रभावित हो सकती है। हालांकि, मतदान की तारीख तय करने के कारणों और मतदाताओं की भागीदारी पर इसके वास्तविक प्रभाव की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
MLC चुनाव में राजनीतिक बयानबाजी तेज
बिहार में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के बीच प्रशांत किशोर के इन बयानों से राजनीतिक माहौल गरमा सकता है। जन सुराज प्रमुख लगातार एनडीए सरकार की नीतियों, नेताओं की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू-भाजपा के नेता और एनडीए के उम्मीदवार प्रशांत किशोर के आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। चुनाव परिणामों से यह भी स्पष्ट होगा कि जन सुराज की अपील का मतदाताओं पर कितना असर पड़ा।
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