समय पर जांच, इलाज और परिवार का सहयोग स्तन कैंसर से जंग में अहम; विशेषज्ञों ने शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की दी सलाह
पटना, 27 अक्टूबर 2026। स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर जांच एवं इलाज के महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में स्तन कैंसर जागरूकता माह के तहत पिंक वॉक और ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर्स मीट का आयोजन किया गया। रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से मरीजों, उनके परिजनों और आम लोगों को जागरूकता के साथ-साथ भावनात्मक सहयोग का संदेश दिया गया।
इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘हर कहानी अनोखी है, हर सफर मायने रखता है’ रखी गई। इसका उद्देश्य स्तन कैंसर से जूझ रही महिलाओं और कैंसर से उबर चुके लोगों के अनुभवों को सामने लाना तथा समय पर बीमारी की पहचान और उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
पिंक वॉक से दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रमों की शुरुआत 24 अक्टूबर को आयोजित रंगोली प्रतियोगिता से हुई। इसके बाद 27 अक्टूबर को स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए पिंक वॉक निकाली गई। इसमें एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल, डीन (एकेडमिक्स) डॉ. पूनम प्रसाद भदानी, डीन (रिसर्च) डॉ. संजय पांडेय, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत कुमार सिंह सहित संस्थान के कई चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में डॉ. प्रितांजलि सिंह, डॉ. मीनाक्षी मिश्रा, डॉ. हरिकेश बहादुर, डॉ. निलेश मणि, डॉ. साधना शर्मा, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. वीणा सिंह, डॉ. अजहर, डॉ. पंकज और डॉ. मुक्ता समेत अन्य चिकित्सक एवं विभागीय सदस्य शामिल हुए। सुश्री रीना श्रीवास्तव ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
पिंक वॉक के दौरान गुब्बारे छोड़कर और जागरूकता संबंधी नारों के माध्यम से लोगों को स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया गया। वहीं, बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को बीमारी की पहचान, जांच और उपचार के महत्व के बारे में बताया।
स्तन में गांठ समेत इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
जागरूकता कार्यक्रम में बताया गया कि स्तन में गांठ, आकार में बदलाव, त्वचा या निप्पल में परिवर्तन, असामान्य स्राव और लगातार सूजन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे किसी भी बदलाव के सामने आने पर चिकित्सकीय सलाह और जांच कराना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान एम्स पटना में स्तन कैंसर की जांच और उपचार के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय परामर्श को बीमारी से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
कैंसर सर्वाइवर्स मीट में इलाज के बाद जीवन पर चर्चा
पिंक वॉक के बाद दोपहर में ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर्स मीट का आयोजन किया गया। इसमें कैंसर से उबर चुके लोगों, उपचार करा रहे मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों ने हिस्सा लिया। बैठक में इलाज के बाद सामान्य जीवन में वापसी, सर्जरी, स्तन पुनर्निर्माण, मैमोग्राफी और एमआरआई से जांच, महिलाओं का स्वास्थ्य तथा उपचार के बाद होने वाली थकान और हाथ में सूजन यानी लिम्फेडेमा के प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

इन विषयों पर डॉ. प्रितांजलि सिंह, डॉ. अजहर, डॉ. सिरसिज, डॉ. उपासना सिन्हा, सुश्री अनीता पासवान और सुश्री रीना श्रीवास्तव ने अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने उपचार के बाद स्वास्थ्य संबंधी देखभाल और मरीजों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के महत्व पर चर्चा की।
सर्वाइवर्स ने साझा की अपनी संघर्ष यात्रा
कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा कैंसर से उबर चुके लोगों के अनुभव रहे। उन्होंने अपनी संघर्ष यात्रा साझा करते हुए बताया कि बीमारी के दौरान इलाज, परिवार का साथ और मानसिक मजबूती किस तरह सहारा प्रदान करते हैं। उनके अनुभवों ने मरीजों और उनके परिजनों को उम्मीद और हौसले का संदेश दिया।
एम्स पटना के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग ने इन आयोजनों के माध्यम से स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर पहचान और उपचार को प्रोत्साहित करने तथा मरीजों और उनके परिवारों को सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
ये भी पढ़ें:-
एम्स पटना में व्हाइट कोट समारोह, 200 मेडिकल और नर्सिंग विद्यार्थियों ने ली महर्षि चरक शपथ
एम्स पटना में आयुष्मान भारत के तहत पहला किडनी ट्रांसप्लांट सफल, मरीज को मिली छुट्टी
AIIMS पटना के जनरल मेडिसिन विभाग के HOD प्रो. डॉ. ज्योति प्रकाश ने क्या बताया?
