महाराष्ट्र के पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, हर रोज नए और चौकाने वाले खुलासे हो रहे है। 22 साल की सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर एक पेशवर किलर की तरह अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की पूरी प्लानिंग की थी। इस प्लानिंग को दोनों ने बेहद ही सफाई से अंजाम तक पहुंचाया। लेकिन इसी प्लानिंग में सिया के आशिक चेतन चौधरी की एक चूक ने दोनों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। शुरुआत में पुलिस इसे लोहागढ़ किले से पैर फिसलने की वजह से हुआ हादसा मान रही थी। लेकिन यह एक कोल्ड बल्डेड मर्डर था। पुलिस और केतन के परिवार को सिया गोयल पर शक कैसे हुआ? पुणे पुलिस इस कोल्ड बल्डेड मर्डर की रहस्मय गुत्थी को कैसे सुलझाई? सिया और चेतन ने प्लानिंग में कहा चूक की। केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने का आइडिया किसका था। सिया गोयल का या फिर चेतन चौधरी का ? इन तमाम सवालों का जवाब तारीख बार समझिए।
18 जून 2026। वक्त सुबह का 10.30 से 11 के बीच लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन को लोहागढ़ किले से केतन अग्रवाल के फिसल कर नीचे 400 फीट खाई में गिरने की सूचना मिलती है। पुलिस के साथ केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल को भी इसकी सूचना मिलती है। सिया की मां पूजा गोयल ने विशाल अग्रवाल को यह सूचना दी। जिसके बाद वे फौरन मौके पर पहुंचे। तब तक पुलिस केतन अग्रवाल को नीचे से खाई से निकाल चुकी थी। उसका पूरा बॉडी कपड़े से बंधा था, लेकिन पहचान के लिए चेहरा खुला था। इस बीच एक महिला पुलिस अधिकारी ने कहा कि केतन की सांसे चल रही हैं, उसे फौरन अस्पताल ले जाना होगा। यह सुनते ही सिया के हाव-भाव पूरी तरह बदल गए और वह असहज हो गई। इससे पहले घटनास्थल पर पहुंचे अग्रवाल परिवार को सिया का रोना पूरी तरह बनावटी लग रहा था।
इससे पहले जब घटनास्थल पर लोनावला ग्रामीण पुलिस पहुंची तो केतन की मंगेतर सिया गोयल ने बताया कि किले में घूमने के दौरान केतन का पैर फिसल गया और वह खाई में गिर गए। सिया के बयान के आधार पर पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया। लेकिन पुलिस को सिया के बयान और वहां की परिस्थितियां संदिग्ध लग रही था। लिहाजा पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू की। पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के मुताबिक उनकी टीम वित्तीय विवादों और व्यक्तिगत संबंधों समेत कई पहलुओं से इस मामले की जांच की। इधर केतन अग्रवाल के परिवार का शक भी सिया गोयल पर गहराता जा रहा था। खासकर केतन के पिता विशाल अग्रवाल और उसकी बहन का। वारदात के दूसरे दिन जब सिया गोयल केतन अग्रवाल के घर पहुंची तो तब केतन की बहन ने सिया से पूछा कि वे दोनों किले के उस खतरनाक कोने तक कैसे पहुंचे और केतन कैसे गिरा, तो सिया ने उसके किसी भी सवालों का जवाब नहीं दिया। जब केतन की बहन ने सिया से पूछा कि केतन का कौन सा पैर फिसला था? इस बीच सिया की बुआ ने हस्तक्षेप करते हुए उसे वहां से लगभग खींच कर ले कर चली गई। इसके बाद केतन परिवार का शक और गहरा गया। इसके बाद केतन का पूरा परिवार एक साथ बैठा। इस पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की। जिसके बाद परिवार ने घर का सीसीटीवी पुटेज देखने का फैसला किया। फुटेज देखने के दौरान केतन के परिवार ने जो देखा उसे देखकर दंग रह गया। घर से लौटते वक्त सिया न तो रो रही थी और न ही उसके चेहरे पर कोई शिकन थी। जिसके बाद केतन अग्रवाल ने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया और पुलिस से इस पूरे प्रकरण की लव-ट्रैंगल से जांच करने की मांग की।
लोनावला ग्रामीण पुलिस पहले से ही इस पूरे प्रकरण की जांच अपने तरीके से कर रही थी। लेकिन केतन अग्रवाल के परिवार की शिकायत मिलने के बाद पुलिस की जांच में तेजी आई। पुलिस ने वारदात के दिन यानी 18 जून की लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। इस दौरान पुलिस को सिया गोयल के खिलाफ पहला सुराग मिला। दरअसल पुलिस को लोगगढ़ किले की सीढ़ियों पर एक संदिग्ध युवक नजर आया। जो जून की इस भीषण गर्मी में और चढ़ाई के दौरान हुडी पहन रखी थी। इतना ही नहीं यह वहां लगे कैमरों से लगातार अपना चेहरा छुपाने की कोशिश कर रहा था। यह युवक लोहगढ़ किले के नीचे से ही सिया गोयल और केतन अग्रवाल का पीछा कर रहा था। पुलिस ने फुटेज मिलने के बाद सबसे पहले इस युवक की पहचान की और फिर इसका जन्मकुंडली निकाली। पुलिस ने हुडी में खुद को छुपा रहे इस युवक की पहचान पुणे के कोंढवा निवासी चेतन बाबूलाल चौधरी के तौर पर की। लेकिन पुलिस ने जब चेतन चौधरी का मोबाइल फोन लोकेशन लोहागढ़ किले में स्थापित करने की कोशिश को उसका दिमाग चकरा गया। मोबाइल लोकेशन के मुताबिक चेतन चौधरी उस दिन पूरे दिन अपने दुकान पर ही था। इसके बाद पुलिस ने उस दिन उसके नंबर पर आए फोन नंबरों की जांच की तो पता चला की उनमें से किसी का भी चेतन चौधरी से उस दिन बात नहीं हुई थी। जांच अधिकारियों के मुताबिक चेतन ने जान बूझकर उस दिन अपना फोन दुकान पर छोड़ा था। उसने 18 जून को सुबह 7 बजे फोन का इंटरनेट भी बंद कर दिया था। जो शाम 5 बजकर 40 मिनट तक बंद रहा। दरअसल चेतन उस दिन अपने एक कर्मचारी का फोन लेकर लोहागढ़ किला गया था। ऐसा उसने अपने लोकशन छुपाने की प्लानिंग के तहत किया था।
चेतन चौधरी की पहचान स्थापित करने के बाद लोनावला ग्रामीण पुलिस ने सिया गोयल के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स को खंगाला। जांच अधिकारियों ने जब सिया के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले तो उसके होश पाख्ता हो गए। जांच अधिकारियों के मुताबिक जनवरी से 18 जून तक सिया गोयल का एक नंबर पर कुल 2004 बार बातचीत हुई थी। उसने इस नंबर पर कुल 338 घंटे तक बात की थी। यह नंबर पुणे के ही एक कारोबारी के बेटे चेतन चौधरी का था। कॉल रिकॉर्ड्स के मुताबिक सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच औसतन हर रोज 11 कॉल और तकरीबन 2 घंटे बातचीत होती थी। जांच अधिकारियों को इस कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए ही सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच रिश्ते का पता चला। अब पुलिस के सामने पूरी तस्वीर साफ थी। लिहाजा पुलिस ने चेतन चौधरी को उठा लिया। जांच अधिकारियों के मुताबिक पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद चेतन चौधरी ने पूछताछ में फौरन ही अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस के मुताबिक उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि केतन उनके रिश्ते में बाधा बन रहा था। इसलिए उसने और सिया ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। चेतन चौधरी के इस कबूलनामे के फौरन बाद पुलिस ने सिया गोयल को भी गिरफ्तार कर लिया। तो लोनावला ग्रामीण पुलिस ने इस तरह केतन अग्रवाल हत्याकांड की गुत्थी सुलक्षी। लेकिन इस मामले में हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं।
कैफे में मिले
पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के मुताबिक 18 जून को लोहागढ़ किला जाने से एक दिन पहले 17 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी एक कैफे पर मिले थे। इसी कैफे में दोनों ने केतन अग्रवाल को खत्म करने की साजिश को अंतिम रूप दिया। गिल के मुताबिक दोनों ने इस कैफे में मुलाकात के दौरान उस प्वाइंट तक का चुनाव कर लिया था जहां से केतन अग्रवाल को धक्का देना था। इतना ही नहीं दोनों ने इस कैफे में एक बैकअप प्लान भी बनाया कि अगर केतन खाई से गिरकर बच गया तो 20 जून के बाद उसे एक सड़क हादसे में मार दिया जाएगा।
विग और हकलाना
दरअसल इसी साल 11 फरवरी को सिया गोयल और केतन अग्रवाल की सगाई हुई थी। सिया और केतन के घरों में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थी। लेकिन पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान सिया गोयल ने जो केतन अग्रवाल की हत्या के पीछे की वजह बताई उसने सबको हैरान कर दिया। सिया का दावा है कि केतन अग्रवाल को न सिर्फ विग पहनने की आदत थी बल्कि वह हकलाता भी था। लिहाजा वह उसे नापसंद करती थी और इसी वजह से उसने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।
सोशल मीडिया से साजिश पर पर्दा
जिस केतन अग्रवाल को खत्म करने की साजिश सिया गोयल महीनों से रच रही थी। सोशल मीडिया पर उसी केतन अग्रवाल के साथ घर संजोने के सपने हर रोज बुना करती थी। सिया गोयल अपनी प्रोफाइल पर केतन के साथ लगातार रोमांटिक तस्वीरें, प्रपोज के वीडियो और डांस क्लिप्स शेयर करती थी। नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी इंस्टाग्राम पर पोस्ट की जा रही थी। सगाई के एक महीने बाद उसने केक की तस्वीर शेयर कर लिखा था, एक महीना हो गया जब मेरे दिल को अपना घर मिल गया।
31 मई को केतन अग्रवाल पहली बार सिया को लोहगढ़ किला लेकर गया। वहां सबसे ऊंची चोटी के खतरनाक कोने पर बैठे केतन को देखकर सिया के मन में पहली बार खाई में धकेलने का विचार आया। सिया ने दोबारा वहां 5 जुन को जाने की जिद की, लेकिन परिवार ने मना कर दिया। 6 जुन को केतन उसकी बहन और सिया को बाली जाना था। सिया ने केतन का पासपोर्ट अपने पास छिपा दिया ताकि उसे बाली न जाना पड़े। 14 जून को सिया के कहने पर दोनों फिर लोहागढ़ किले गए। इस दिन सिया ने केतन को पीछे से धक्का दिया, लेकिन किस्मत से वह एक पेड़ के सहारे अटक गया। जब केतन ने पूछा कि धक्का क्यों दिया तो सिया ने झूठ बोल दिया वहां सांप था, तुम्हें बचाने के लिए ऐसा किया। तो सिया ने केतन की हत्या की पूरी प्लानिंग सगाई से पहले ही कर ली थी। बहरहाल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कल्पना से परे बताते हुए इस मर्डर केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का ऐलान किया है। ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द इंसाफ मिल सके। उन्होंने इस मामले में उज्ज्वल निकम को सरकारी वकील नियुक्त किया है और इसे गंभीर अपराध बताया है।
