नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) से जुड़े मामले में कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज और पत्रकार इरफान मेहराज को मिली जमानत के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने एनआईए की अपील अस्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट ने 20 जुलाई को इस मामले में नोटिस जारी किया था। ताजा आदेश के बाद खुर्रम परवेज और इरफान मेहराज की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले 18 जुलाई को पटियाला हाउस कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत देने का आदेश दिया था, जिसे एनआईए ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
खुर्रम परवेज को इससे पहले एक अलग कथित टेरर फंडिंग मामले में भी दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। वह जम्मू एंड कश्मीर कोएलिशन ऑफ सिविल सोसायटी (JKCCS) के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर तथा एशियन फेडरेशन अगेंस्ट इनवॉलंटरी डिसअपीयरेंसेज़ (AFAD) के चेयरपर्सन हैं।
एनआईए के अनुसार, नवंबर 2021 में दर्ज मामले में आरोप है कि खुर्रम परवेज सहित अन्य आरोपियों ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े व्यक्तियों के साथ मिलकर कथित तौर पर नेटवर्क संचालित किया और सुरक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी सूचनाएं एकत्र कर साझा कीं। इन आरोपों पर न्यायिक प्रक्रिया जारी है और आरोपियों की ओर से इन आरोपों का कानूनी रूप से प्रतिवाद किया जा रहा है।
