पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। बुधवार को जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में पार्टी के सात सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) से मुलाकात कर कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन, पार्टी कार्यकर्ताओं को कथित रूप से परेशान करने और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में जन सुराज ने आरोप लगाया कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र सहित बिहार के विभिन्न हिस्सों में पुलिस बिना किसी एफआईआर या वैधानिक कारण के पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही है। पार्टी का कहना है कि पुलिस कार्यकर्ताओं के घर पहुंचकर पूछताछ कर रही है, जिससे भय का माहौल बनाया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने इसे आदर्श आचार संहिता की भावना के विपरीत बताते हुए निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप की मांग की।
“कार्यकर्ताओं को बिना कारण परेशान किया जा रहा” : मनोज भारती
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि जन सुराज ने सरकारी तंत्र द्वारा कथित रूप से किए जा रहे आचार संहिता उल्लंघन के संबंध में साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को पटना और बिहार के अन्य जिलों में बिना किसी प्राथमिकी और बिना किसी स्पष्ट कारण के पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
मनोज भारती ने आरोप लगाया कि पीरबहोर थाना क्षेत्र में जन सुराज के एक कार्यकर्ता को देर रात उस समय पुलिस ने रोका और परेशान किया, जब वह पार्टी की सभा से अपने घर लौट रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि 21 जुलाई को अफरोज अहमद और तौसिफ नामक दो कार्यकर्ताओं को बिना कारण थाने में बैठाकर रखा गया। इसके अलावा बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में पार्टी के प्रदेश सचिव रवि नारायण के घर देर रात पुलिस पहुंची और उनसे पूछताछ की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिवान में पार्टी नेता शाहनवाज आलम के घर कई वाहनों के साथ पुलिस पहुंची और उनसे पूछताछ की गई।
उन्होंने कहा कि इन सभी घटनाओं की जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को दी गई है और निष्पक्ष जांच कर आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।
“मतदाताओं और व्यवसायियों को डराया जा रहा”
मनोज भारती ने आरोप लगाया कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और एनडीए के कई जनप्रतिनिधि तथा पदाधिकारी अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ क्षेत्र का दौरा कर मतदाताओं पर प्रभाव डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से इस मामले की भी जांच कराने की मांग की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बांकीपुर के कुछ व्यवसायियों को आयकर (IT) और जीएसटी (GST) की कार्रवाई का भय दिखाकर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, यदि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहे शामिल
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के अलावा विधान परिषद सदस्य अफाक अहमद, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ, सिद्धनाथ राय और ललन यादव सहित अन्य नेता शामिल थे।
निर्वाचन आयोग से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
जन सुराज ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मांग की है कि पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
