बिहार में हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राज्य के 14 छात्र-युवा संगठनों ने एकजुट होकर ‘छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा’ का गठन किया है। पटना के जमाल रोड स्थित सूर्या कॉम्प्लेक्स में आयोजित बैठक के बाद नेताओं ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में आंदोलन की आगामी रणनीति की घोषणा की। मोर्चे ने 29 जुलाई से गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना, 30 जुलाई को पूरे बिहार में काला दिवस, 1 सितंबर से जिला स्तर पर धरना तथा 4 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किया।
बैठक की अध्यक्षता एआईवाईएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रौशन कुमार सिन्हा ने की। सम्मेलन में एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, एआईएसएफ, छात्र राजद, एसएफआई, डीवाईएफआई, द ग्रेट भीम आर्मी, सोशल जस्टिस आर्मी, एआईडीएसओ, द सोशलिस्ट, एआईडीवाईओ समेत 14 संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पुलिस कार्रवाई पर जताया आक्रोश
संयुक्त प्रेस वार्ता में नेताओं ने हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल छात्रों और समर्थकों के साथ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने सभी गिरफ्तार छात्रों और आंदोलनकारियों को बिना शर्त रिहा करने तथा उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की।

नेताओं ने यह भी कहा कि वे मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत कराना चाहते हैं। यदि वार्ता नहीं होती है तो 4 अगस्त को मुख्यमंत्री के घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
आंदोलन का पूरा कार्यक्रम
छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा इस प्रकार घोषित की—
- 29 जुलाई 2026 : गर्दनीबाग, पटना में अनिश्चितकालीन धरना
- 30 जुलाई 2026 : पूरे बिहार में काला दिवस
- 1 सितंबर 2026 : सभी जिला मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना
- 4 अगस्त 2026 : मुख्यमंत्री आवास घेराव
इन नेताओं ने रखी अपनी बात
संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नेता सुशील कुमार, छात्र राजद के लारायब अकरम, एआईएसएफ के सुधीर कुमार, एनएसयूआई की भाग्य भारती, युवा कांग्रेस के विकास झा, डीवाईएफआई के मनोज चंद्रवंशी, एसएफआई के देवदत्त कुमार वर्मा, पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ की महासचिव खुशी कुमारी समेत कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से आंदोलन की रणनीति और मांगों को रखा।
बैठक में कांग्रेस नेता रंजीत पंडित, अधिवक्ता निशा सिंह, सुधीर रजक, अम्बुज पटेल, तालिब कुमार, मयंक कुमार, सत्यम भारद्वाज, अनुज प्रभाकर सहित कई छात्र एवं युवा नेता भी उपस्थित रहे।
