नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर समेत विभिन्न स्थानों पर हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान दर्ज NEET पेपर लीक FIR को लेकर बड़ा आदेश दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ी देशभर में दर्ज FIR को निरस्त करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में आगे नई FIR दर्ज करने पर भी रोक लगा दी है।
पांच राज्यों में दर्ज FIR भी होंगी रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और असम में दर्ज NEET पेपर लीक FIR को निरस्त करने का आदेश दिया। इन पांचों राज्यों ने एफआईआर निरस्त करने की मांग की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के प्रदर्शन के मामले में देश भर में दर्ज सभी एफआईआर को निरस्त करने का आदेश दिया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को 2873 उन लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर आगे की कार्रवाई करने का आदेश दिया जिनके खिलाफ पूर्व में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
केंद्र सरकार ने FIR वापस लेने का फैसला बताया
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि काकरोच जनता पार्टी के नेताओं और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच 25 जुलाई को हुई बैठक में किए गए वादों के अनुरूप केंद्र सरकार ने NEET Paper Leak एफआईआर निरस्त करने का फैसला किया है। मेहता के इस कथन के बाद काकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता ने कोर्ट से कहा कि वे सरकार के इस फैसले के बाद 5 सितंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को वापस ले रहे हैं। तब चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर दोनों पक्षों में सहमति बनती है तो कुछ भी असंभव नहीं है।
बता दें कि 18 अगस्त को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की बात कही थी।
केंद्र सरकार ने अर्जी दाखिल कर कहा था कि वो काकरोच जनता पार्टी की ओर से जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों पर दर्ज 13 एफआईआर को निरस्त करना चाहती है। बता दें कि NEET Paper Leak के खुलासे के बाद काकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर आंदोलन की जून में शुरुआत की थी। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन पर बैठने के बाद इस आंदोलन ने जोर पकड़ा।
इसी आंदोलन में 20 जुलाई को संसद मार्च का आयोजन किया गया जिस दौरान रैपिड एक्शन फोर्स की ओर से लाठी चार्ज करने और पैलेट गन का इस्तेमाल करने की शिकायतें मिली। बाद में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ये आंदोलन वापस ले लिया गया। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने भी कई एफआईआर दर्ज किए गए।
5 सितंबर का प्रस्तावित प्रदर्शन वापस लेने की घोषणा
केंद्र सरकार के इस रुख के बाद काकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर के अपने प्रस्तावित प्रदर्शन को वापस लेने का फैसला किया है। आज काकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रदर्शन वापस लेने की घोषणा की। इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अगर दोनों पक्ष तैयार हैं तो किसी भी मामले का हल हो सकता है।
सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट में ये घोषणा उस समय की जब केंद्र सरकार ने Neet Paper Leak के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वालों पर दर्ज एफआईआर निरस्त करने की मांग की थी। केंद्र सरकार की अर्जी पर सुनवाई के दौरान ही सौरव दास ने ये घोषणा की।
इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो कुछ भी असंभव नहीं है।
18 अगस्त को भी हुई थी FIR पर सुनवाई
इस मामले में 18 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान भी सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को निरस्त करने की बात कही थी। अब कोर्ट ने देशभर में छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मामलों में दर्ज FIR को निरस्त करने का आदेश दिया है।
जंतर-मंतर पर हुआ था प्रदर्शन
NEET पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद छात्रों की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस समेत विभिन्न राज्यों में कई मामले दर्ज किए गए थे।
प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम में संसद मार्च का भी आयोजन किया गया था। इस दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रदर्शनकारियों की ओर से कई आरोप लगाए गए थे।
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