समृद्धि के लिए सत्यनिष्ठा’ थीम के तहत कार्यकारी निदेशक डॉ. राजू अग्रवाल ने दिलाया ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही का संकल्प
पटना, 26 अक्टूबर 2026। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स पटना में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के अवसर पर सोमवार को सत्यनिष्ठा शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्थान के अधिकारियों, चिकित्सकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने ईमानदारी, पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शपथ ली। इस वर्ष की थीम ‘समृद्धि के लिए सत्यनिष्ठा’ के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त कार्यसंस्कृति और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने संस्थान के मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ. उत्पल आनंद और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में लोगों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में संकाय सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों, रेजिडेंट डॉक्टरों, इंटर्न, एमबीबीएस और नर्सिंग के विद्यार्थियों सहित संस्थान के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया।
विभागों में भी दिलाई गई सत्यनिष्ठा की शपथ
संस्थान में ईमानदारी और नैतिक आचरण का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों में भी शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभागाध्यक्षों ने अपने-अपने विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। इस पहल के जरिए संस्थान के हर स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता को कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में उप निदेशक (प्रशासन) श्री निलोत्पल बल, डीन (एकेडमिक्स) प्रो. (डॉ.) पूनम प्रसाद भदानी, डीन (रिसर्च) प्रो. (डॉ.) संजय पांडेय, डीन (एग्जामिनेशन) प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (पीएमआर) विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार पांडेय तथा कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्राचार्य डॉ. रतीश नायर समेत विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

सुशासन और संस्थागत विश्वसनीयता के लिए सत्यनिष्ठा जरूरी
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि सत्यनिष्ठा केवल व्यक्तिगत आचरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुशासन और संस्थागत विश्वसनीयता का भी महत्वपूर्ण आधार है। सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने तथा आम लोगों का विश्वास मजबूत करने में मदद मिलती है।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में इन मूल्यों का विशेष महत्व है। मरीजों और उनके परिजनों का अस्पताल तथा स्वास्थ्यकर्मियों पर विश्वास गुणवत्तापूर्ण और जिम्मेदार चिकित्सा सेवाओं का अहम हिस्सा है। ऐसे में ईमानदारी, नैतिक जिम्मेदारी और निष्पक्ष कार्यप्रणाली को अपनाना जरूरी है।

भ्रष्टाचार मुक्त कार्यसंस्कृति अपनाने का संकल्प
सत्यनिष्ठा शपथ कार्यक्रम के माध्यम से एम्स पटना ने संस्थान के कार्यों और सेवाओं में ईमानदारी, निष्पक्षता तथा पारदर्शिता को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई। सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत आयोजित इस पहल का उद्देश्य अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को अपने दैनिक कार्यों में नैतिक मूल्यों का पालन करने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि भ्रष्टाचार मुक्त कार्यसंस्कृति का निर्माण केवल नियमों के पालन से नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के ईमानदार आचरण, जिम्मेदारी और जवाबदेही से संभव है।
ये भी पढ़ें:-
एम्स पटना में स्तन कैंसर जागरूकता के लिए पिंक वॉक, सर्वाइवर्स मीट में साझा किए अनुभव
एम्स पटना में व्हाइट कोट समारोह, 200 मेडिकल और नर्सिंग विद्यार्थियों ने ली महर्षि चरक शपथ
एम्स पटना में आयुष्मान भारत के तहत पहला किडनी ट्रांसप्लांट सफल, मरीज को मिली छुट्टी
