सदर अस्पताल पहुंचकर मंत्री ने ली घटना की जानकारी, महिला चिकित्सक के ड्यूटी से गायब रहने की शिकायत पर जताई नाराजगी; डीएम ने जांच के लिए गठित की टीम
जमुई। सदर अस्पताल में एक गर्भवती और एक प्रसूता की मौत के बाद रविवार को खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह अस्पताल पहुंचीं। घटना की जानकारी लेने के दौरान अस्पताल में महिला चिकित्सक के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की शिकायत सामने आने पर मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. थनीष कुमार और इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक समेत संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को जमकर फटकार लगाई।
मिली जानकारी के अनुसार, महिला चिकित्सक डॉ. शालिनी सिंह के रातभर ड्यूटी से गायब रहने की शिकायत के बीच अस्पताल में एक गर्भवती और एक प्रसूता की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मंत्री श्रेयसी सिंह रविवार दोपहर बाद सदर अस्पताल पहुंचीं और मृतकों के परिजनों तथा अस्पताल के अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली।
ड्यूटी से डॉक्टर के गायब रहने पर भड़कीं मंत्री
अस्पताल पहुंचने के बाद मंत्री को बारी-बारी से लोगों ने अपनी शिकायतें बताईं। महिला चिकित्सक के ड्यूटी पर मौजूद नहीं रहने की शिकायत पर मंत्री ने नाराजगी जताई और अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. थनीष कुमार से जवाब मांगा।

मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को फटकार लगाई। इस दौरान काफी देर तक अस्पताल परिसर में मंत्री के आक्रोश और अधिकारियों को दिए गए निर्देश की चर्चा होती रही।
मौके पर मृतका के परिजनों के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद थे। मंत्री की फटकार का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रहा है।
दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात

मंत्री श्रेयसी सिंह ने अस्पताल उपाधीक्षक को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद वह डीएम आवास पहुंचीं। मंत्री ने कहा कि मामले में लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अगर जांच में महिला चिकित्सक डॉ. शालिनी सिंह की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने एफआईआर दर्ज कराने की बात भी कही।
डीएम ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई
वहीं, जिलाधिकारी नवीन ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। टीम पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी के मुताबिक, फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों मौतों के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और इसमें किसी स्तर पर चिकित्सकीय या प्रशासनिक लापरवाही हुई या नहीं।
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